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    शांति की राह में बढ़ता संकट: ट्रंप पर वाशिंगटन हमले के बीच ईरान युद्ध-विराम की अनिश्चितता

    ShagunBy ShagunApril 27, 2026 Current Issues No Comments3 Mins Read
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    A Growing Crisis on the Path to Peace: Uncertainty Over Iran Ceasefire Amid Washington's Attacks on Trump
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    एक बार युद्ध की आग भड़क जाए तो भरोसे की दीवारें टूटना स्वाभाविक है, लेकिन अमेरिका और ईरान के बीच यह संकट अब एक जटिल बिसात बन चुका है, जिसमें हर कदम पर नई उलझनें जुड़ रही हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एकतरफा युद्ध-विराम की घोषणा के मात्र पांच दिन बाद शांति वार्ता के दूसरे चरण का टल जाना इसी गहरे अविश्वास का परिणाम है।

    इस उठापटक के केंद्र में दो बड़े मुद्दे हैं। पहला यह कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम, जो तीन दशक पुराना विवाद है और बार-बार वार्ताओं में उछलता रहा है। दूसरा- लगभग दो महीने पहले शुरू हुए युद्ध का नया रणनीतिक आयाम, जिसमें होर्मुज जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण शामिल हो गया है। अमेरिका इस जलमार्ग को मौजूदा युद्ध-विराम का हिस्सा मानकर चर्चा चाहता है, जबकि ईरान इसे स्थायी रणनीतिक लाभ के रूप में देख रहा है और अमेरिकी मांगों को कम करने के लिए इसका इस्तेमाल कर रहा है।

    ईरान के अलावा लेबनान पर इजरायली हमलों को रोकने की मांग भी वार्ता में बाधा बन रही है। हालांकि इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत चल रही है, लेकिन ठोस नतीजे अभी दूर दिख रहे हैं।A Growing Crisis on the Path to Peace: Uncertainty Over Iran Ceasefire Amid Washington's Attacks on Trump

    देखिए , युद्ध शुरू करना आसान होता है, लेकिन उसे समाप्त करना बेहद कठिन। यूक्रेन युद्ध ने वैश्विक खाद्य संकट पैदा किया, तो ईरान संकट अब ऊर्जा आपातकाल की ओर ले जा रहा है। ईरान दीर्घकालिक आश्वासन चाहता है, जबकि वाशिंगटन पूर्ण आत्मसमर्पण जैसी शर्तें थोपना चाहता है। नतीजा यह है कि अमेरिकी नाकेबंदी, ईरान की सख्त कार्रवाइयां और होर्मुज पर तनाव के कारण शांति वार्ता पर अनिश्चितता के बादल घने हो गए हैं। ट्रंप कभी युद्ध जल्द खत्म होने का भरोसा जताते हैं, तो कभी समय-सीमा देने से इनकार कर देते हैं। पूरे प्रकरण पर इजरायल का अदृश्य प्रभाव भी साफ दिख रहा है।

    इस बीच एक चौंकाने वाला अपडेट यह कि शनिवार 25 अप्रैल 2026 की रात वाशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप पर हमला हुआ। एक बंदूकधारी ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की और गोलियां चलाईं। ट्रंप, मेलानिया ट्रंप और कैबिनेट सदस्यों को सुरक्षित निकाला गया। हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया। ट्रंप ने बाद में कहा कि वे “चिंतित नहीं” थे, लेकिन यह घटना तीसरी बार ट्रंप पर हमले की कोशिश साबित हुई। यह घटना अमेरिका में बढ़ती राजनीतिक हिंसा का संकेत है और ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ा रही है।

    https://x.com/i/status/2048212158601638227

    जब राष्ट्रपति खुद सुरक्षा के सवालों से घिरे हों, तब विदेश नीति में स्थिरता बनाए रखना और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ईरान के साथ कोई भी स्थायी समझौता भरोसे पर टिका होता है, लेकिन वर्तमान में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर शक करते दिख रहे हैं।

    दुनिया को अब इसकी जरूरत है कि ट्रंप प्रशासन और ईरान दोनों ही ठोस कदम उठाएं जो होर्मुज को खुला रखने, परमाणु मुद्दे पर पारदर्शिता और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए। अन्यथा यह युद्ध न सिर्फ मध्य पूर्व को, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को भी गहरे संकट में धकेल सकता है।

    शांति की राह कठिन है, लेकिन उसे छोड़ने का विकल्प और भी खतरनाक। समय अब सख्त कूटनीति और समझौते की मांग कर रहा है।

    Shagun

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