लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक शर्मनाक घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। 3 अगस्त को नागफनी थाना क्षेत्र की गोल कोठी गली में एक बुर्का पहनी महिला के साथ अश्लील हरकत करने वाला आरोपी आदिल सैफी पुलिस की गिरफ्त में आ चुका है। इस घटना का वीडियो सीसीटीवी में कैद होने के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसने न केवल स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा किया।
पुलिस के अनुसार, घटना के बाद तुरंत कार्रवाई शुरू की गई। सोमवार देर रात, करीब 12 बजे, पुलिस चेकिंग के दौरान आदिल सैफी को पकड़ने की कोशिश में थी। आरोपी ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की और कथित तौर पर पुलिस पर गोली चलाई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी फायरिंग की, जिसमें आदिल के पैर में गोली लगी। उसे तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह बेड पर लेटे-लेटे कान पकड़कर माफी मांगता नजर आया।
पुलिस ने उसके कब्जे से एक बिना नंबर प्लेट की बाइक, एक अवैध तमंचा और कारतूस भी बरामद किए। आदिल सैफी, जो कांठ क्षेत्र के उमरी गांव का निवासी है और एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर के तौर पर काम करता था, की इस हरकत ने समाज में गहरी नाराजगी पैदा की।
सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। एक स्थानीय निवासी, गुलजार मालिक, ने कहा, “कोई भी हो, किसी भी धर्म या समुदाय से, उसे किसी महिला की इज्जत से खिलवाड़ करने का कोई हक नहीं। ऐसे लोग यह भूल जाते हैं कि उनके घर में भी मां, बहन या बेटी हैं। समाज में ऐसे लोगों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।”
घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि केवल गिरफ्तारी काफी नहीं, बल्कि ऐसी सजा की जरूरत है जो दूसरों के लिए मिसाल बने। एक यूजर ने सोशल मीडिया पर लिखा, “कानून की तेज धार और सरकार की जिम्मेदारी ही अब ऐसी घटनाओं को रोक सकती है।”
इस मामले में मुरादाबाद पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना हो रही है, जिसने 24 घंटे से भी कम समय में आरोपी को पकड़ लिया। यह घटना एक कड़वी याद दिलाती है कि समाज में इंसानियत को धर्म और जाति से ऊपर रखने की जरूरत है। महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान हर नागरिक का अधिकार है, और इसके लिए सामूहिक जागरूकता और सख्त कानूनी कार्रवाई दोनों जरूरी हैं।







