लालच में फंसाया निर्दोष बच्चा, मध्य प्रदेश: पुलिस की तारीफों के पुल बंधे, तांत्रिक कनेक्शन का खुलासा: ‘धन वर्षा’ और सिद्धि का दावा
खरगोन/खंडवा (मध्य प्रदेश), 5 जनवरी 2026 : अंधविश्वास और कुप्रथाओं की एक और सनसनीखेज घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया। मध्य प्रदेश के खरगोन जिले (जो खंडवा से सटा हुआ क्षेत्र है) में पुलिस ने मात्र 6 साल के एक निर्दोष बच्चे की जान बचाई, जिसका अपहरण तथाकथित तांत्रिक क्रिया के जरिए “धन वर्षा” और सिद्धि प्राप्त करने के लिए किया गया था। घटना के 22 दिन बाद बच्चा सकुशल बरामद हुआ, जबकि 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। परिवार में खुशी की लहर है, और पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की हर तरफ सराहना हो रही है।
क्या था पूरा मामला?
- 10 दिसंबर 2025 को खरगोन जिले के सनावद थाना क्षेत्र के खंगवाड़ा गांव में 6 वर्षीय बच्चा घर के बाहर खेल रहा था।
- दो बदमाशों ने क्रिकेट बैट और गेंद का लालच देकर उसे मोटरसाइकिल पर बिठाकर अगवा कर लिया।
- जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी शुभम उर्फ लव यादव (खंडवा निवासी) एक तथाकथित तांत्रिक बाबा (सुरेंद्र उर्फ पिंटू उर्फ
- अंकित) के संपर्क में था।
- तांत्रिक ने दावा किया था कि एक नाबालिग बच्चे की तांत्रिक क्रिया से “धन वर्षा” होगी और दबा हुआ खजाना मिलेगा।
- बच्चे को खंडवा जिले के पुनासा क्षेत्र में एक किराए के कमरे में छिपाकर रखा गया। कई दिनों तक उसे भूखा-प्यासा रखा गया, ताकि क्रिया के लिए “शुद्ध” माना जाए।
- आरोपियों ने गुमराह करने के लिए बच्चे की फोटो पर नींबू की माला चढ़ाई और घटनास्थल पर एक डायरी छोड़ी थी।

तांत्रिक ‘धन वर्षा’ के लिए 6 साल के मासूम का अपहरण, 22 दिन बाद पुलिस ने किया कमाल का रेस्क्यू!
22 दिनों की कैद: भूखा-प्यासा रखा बच्चा: पुलिस की कमाल की जांच
- खरगोन पुलिस ने 22 दिनों तक लगातार सर्च अभियान चलाया। तकनीकी निगरानी, मुखबिरों की मदद और SP रविंद्र वर्मा के नेतृत्व में 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों ने रात-दिन मेहनत की। 31 दिसंबर की रात बच्चे के घर के बाहर तंत्र-सामग्री, नग्न फोटो और डायरी मिली, जिससे तांत्रिक कनेक्शन साफ हुआ।
- आखिरकार पुनासा में छापेमारी के दौरान बच्चा बरामद हुआ। एक आरोपी बच्चे को लेकर आया था, लेकिन पुलिस को देखकर भागने लगा। बच्चे को वहीं छोड़कर पकड़ा गया।
- वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/i/status/2008032574212600221
गिरफ्तार आरोपी
- शुभम उर्फ लव यादव (25, खंडवा)
- अंकित उर्फ सुरेंद्र उर्फ पिंटू (22, मुख्य तांत्रिक)
- रामपाल (28)
- धनसिंह (40)
सभी पर अपहरण, अंधविश्वास फैलाने और अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
परिवार की खुशी और समाज का संदेश
बच्चे को पाकर उसके परिजन फूट-फूटकर रो पड़े। मां ने पुलिस को “भगवान” कहकर धन्यवाद दिया। बच्चा अब सुरक्षित है और उसका इलाज चल रहा है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि अंधविश्वास कितना खतरनाक हो सकता है। पुलिस की सजगता ने एक मासूम की जान बचाई – यह कार्यवाही निश्चित रूप से प्रशंसनीय है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है रेस्क्यू वीडियो, जहां बच्चे को मां के गले लगते देख हर कोई भावुक हो रहा है।
अंधविश्वास के खिलाफ जागरूकता जरूरी है – ताकि ऐसे “बाबाओं” के चक्कर में कोई और निर्दोष बच्चा न फंसे।






