Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Saturday, March 7
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग

    अंग्रेजी बोलने से कौन शर्माएगा!

    ShagunBy ShagunJune 20, 2025 ब्लॉग No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 508

    क्या आईएएस, आईपीएस,डाक्टर, इंजीनियर,वकील, सीए बिना अंग्रेजी पढ़े बना जा सकता है

    ओम माथुर

    केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह अगर ये कह रहे हैं तो आज से ही भाजपा नेताओं को अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूलों से निकाल हिन्दी मीडियम या क्षेत्रीय भाषाओं की स्कूलों में भर्ती कराना चाहिए। साथ ही विदेशों में पढ़ रहे अपने बच्चों को वापस बुला लेना चाहिए। ताकि भविष्य में वो शर्मिंदा ना हो। साथ ही भाजपा को ये नियम भी बना देना चाहिए कि जो ये शपथ लिखकर देंगे कि वो अपने बच्चों को अंग्रेजी स्कूल में नहीं पढ़ाएंगे, उन्हें ही सत्ता और संगठन में पद मिलेंगे। पार्टी की सदस्यता भी उन्हें ही मिलेगी।

    क्या कहा गृह मंत्री ने? गुरुवार को एक कार्यक्रम में शाह ने कहा कि वह दिन दूर नहीं जब देश में अंग्रेजी बोलने वालों को शर्मिंदगी महसूस होगी। हम सबके जीवनकाल में इस देश में एक ऐसा समाज बनेगा,जिसमें अंग्रेजी बोलने वालों को शर्म महसूस होगी। यदि हम अपनी भाषाओं को नहीं अपनाते, तो हम अपनी संस्कृति, इतिहास और धर्म को भी नहीं समझ पाएंगे। शाह का अंग्रेजी बोलने से शर्मिंदगी महसूस करने वाला समाज तो पता नहीं कब बनेगा,लेकिन यह कड़वी हकीकत है कि हमारे देश में अंग्रेजी नहीं बोलने से शर्मिंदगी महसूस करने वाला वर्ग सालों से हैं।

    पता नहीं देश को चलाने वाले नेता क्या सोचकर ऐसे बयान देते हैं। हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं का सम्मान होना चाहिए। इन्हें ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देना चाहिए। लेकिन इसके लिए अंग्रेजी से शर्मिंदगी की बात कहां से आ गई। आज भी हमारे देश की सच्चाई है कि अंग्रेजी बोलने वाले को सम्मान की नजरों से देखा जाता है और शिक्षा से लेकर न्यायिक कामों,व्यापार,नौकरी और पेशे तक अंग्रेजी का महत्व कभी कम नहीं हुआ है। तकनीकी शिक्षा तो पूरी तरह से अंग्रेजी में हैं। इसे हिंदी में करना और समझना क्या संभव हो सकेगा? सिविल सर्विस यानि आईएएस, आईपीएस आदि, राज्य प्रशासनिक सेवाओं, डाक्टर, इंजीनियर ,वकील, सीए क्या बिना अंग्रेजी पढ़े बना जा सकता है। इनकी तो प्रारंभिक परीक्षाओं में ही अंग्रेजी का बोलबाला है। हर साल अंग्रेजी स्कूलों में प्रवेश के लिए लगने वाली कतारें और सिफारिशें इस बात की गवाह है कि निम्न मध्यमवर्गीय और मध्यमवर्गीय परिवारों का तो सपना ही ये होता है कि उनके बच्चे को अंग्रेजी स्कूल में एडमिशन मिल जाए। सरकारी स्कूलों के कितने शिक्षक अपने बच्चों को निजी अंग्रेजी स्कूलों में पढाते हैं। कितने अधिकारियों, राजनेताओं, व्यवसायियों, उद्योगपतियों के बच्चे हिन्दी या क्षेत्रीय भाषा माध्यम की स्कूलों में पढ़ते हैं। हमारे यहां तो जिसे अंग्रेजी आती है,उसे नौकरी मिलना भी आसान माना जाता है। देश के सभी बड़े नेताओं,चाहे वो सत्ता पक्ष के हो,या विपक्ष के,के बच्चे अगर विदेशों में पढ़कर डिग्रियां ले रहे हैं,तो क्या उसमें उनका अंग्रेजी में दक्ष होना भी बड़ा कारण है।

    गृहमंत्री कह सकते थे कि जिसे अंग्रेजी नहीं आती है,उसे शर्मिंदगी महसूस नहीं करनी चाहिए। ये होना भी चाहिए। जरूरी नहीं, सभी को अंग्रेजी आए। देश में लगभग 11 प्रतिशत और दुनिया में करीब 18 फीसदी लोग इंग्लिश बोलते हैं। लेकिन अंग्रेजी बोलने वाले शर्म महसूस करेंगे, ये मजाक लगता है। इसमें कोई शक नहीं है की अंग्रेजी वैश्विक भाषा है और लगभग अधिकांश देशों में बोली जाती और समझी जाती है। अपने देश की भाषा बोलने वाले नेता भी अंग्रेजी थोड़ी बहुत बोल और समझ लेते हैं। सोशल मीडिया पर ये कहा जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश यात्राओं में अंग्रेजी बोलने में हड़बड़ाहट के कारण हो रही ट्रोलिंग के चलते शाह ने ये बात तो नहीं कही। खुद शाह के बेटे और आईसीसी के चेयरमैन जय शाह तो खुद आजकल लिखी हुई अंग्रेजी पढ़कर बोलते हैं। देश में भाषा विवाद के बीच शाह का अंग्रेजी के खिलाफ दिया गया बयान महत्वपूर्ण है। जब तमिलनाडु की डीएमकेनीत सरकार केंद्र पर हिंदी को थोपने का आरोप लगा रही है।

    Shagun

    Keep Reading

    US bullying reaches the Indian Ocean: Will India wake up after failing to protect its guest?

    अमेरिकी दादागिरी हिंद महासागर तक पहुंची : क्या भारत अपने मेहमान की रक्षा करने में नाकाम रहा?

    CM Yogi immersed himself in cow service: called by name, cleaned the dust with his hands, fed jaggery and bread!

    गोसेवा में डूबे सीएम योगी: नाम लेकर पुकारा, हाथों से साफ की धूल, खिलाई गुड़-रोटी!

    Khamenei's assassination: India's silence and the world's morality questioned

    खामेनेई की हत्या: भारत की खामोशी और दुनिया की नैतिकता पर सवाल?

    विश्वभर के तेल बाजारों में लगी ‘आग’

    होली: केवल त्योहार नहीं, जीवन का सबसे बड़ा परिवर्तन-संकेत

    Rouse Avenue Court's big decision: Kejriwal-Sisodia among 23 accused acquitted, AAP calls BJP's 'conspiracy' a failure!

    राउज एवेन्यू कोर्ट का बड़ा फैसला: केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 आरोपी बरी, AAP ने BJP की ‘साजिश’ को बताया नाकाम!

    Add A Comment
    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    'Impossible' tiger hunt in Dudhwa Tiger Reserve: Death of Rajeshwari rhino reveals secrets of the forest!

    दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ का ‘असंभव’ शिकार: राजेश्वरी गैंडे की मौत ने जंगल के राज उजागर किए!

    March 6, 2026
    Akshay Kumar and Shikhar Dhawan Turn ‘Bhooth Bangla’ Set into a Mini Cricket Stadium Cricket Fever on the Sets of ‘Bhooth Bangla’: Akshay Kumar and Shikhar Dhawan’s Fun Match

    ‘भूत बंगला’ के सेट पर क्रिकेट का तूफान: अक्षय कुमार और शिखर धवन ने मचाया धमाल!

    March 6, 2026
    US bullying reaches the Indian Ocean: Will India wake up after failing to protect its guest?

    अमेरिकी दादागिरी हिंद महासागर तक पहुंची : क्या भारत अपने मेहमान की रक्षा करने में नाकाम रहा?

    March 5, 2026
    “Madhurima Tuli’s Kurti Charm: Redefining Everyday Elegance” “From Casual to Couture: How Madhurima Tuli Turned a Kurti into a Style Statement” “Street-Style Grace: Madhurima Tuli’s Effortless Kurti Moment”

    मधुरिमा तुली का कुर्ती जादू: सादगी में छिपा स्टाइल का राज, उर्वशी रौतेला बनीं मॉडर्न-डे मधुबाला

    March 5, 2026
    After Bhool Bhulaiyaa 3, Roz Sardana takes a new flight, shooting with Jesse Lever in the valleys of Nashik.

    भूल भुलैया 3 के बाद रोज़ सरदाना की नई उड़ान, नासिक की वादियों में जेसी लीवर के साथ रोमांचक शूटिंग

    March 5, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading