समग्र विकास की महत्वाकांक्षी योजना

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डॉ दिलीप अग्निहोत्री

उत्तर प्रदेश में समग्र विकास की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से कार्य चल रहा है। इसका परिणाम है कि देश में उत्तर प्रदेश को दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। इस कार्य योजना में फिलहाल आठ जनपद शामिल हैं। इनमें छह संयुक्त सूचकांकों के तहत तेजी से कार्य किया जा रहा है। इनमें किसानों को आय दो गुनी करने का लक्ष्य भी शामिल है। गांवों में शिक्षा,सिंचाई, बाजार, स्वास्थ सेवाओ का विस्तार किया जा रहा है। कौशल विकास, मुद्रा बैंक, ढांचागत विकास पर भी बल दिया गया है। यह महत्वाकांक्षी योजना मात्र आठ जनपदों तक ही सीमित नहीं है। क्योंकि इनमें से कई योजनाएं पूरे प्रदेश में चलाई जा रही है।

इस संबन्ध में राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों की समीक्षा बैठक में शामिल हुए। राज्यपाल स्वयं इन जनपदों का दौरा करेंगी। शिक्षा, स्वास्थ,स्वछता, उज्ज्वला, जैसी अनेक लोक कल्याणकारी योजनाओं पर उन्होंने विशेष बल दिया। योगी आदित्यनाथ ने जहाँ पिछले ढाई वर्षों की प्रगति का उल्लेख किया, वहीं चल रहे कार्यो व योजनाओं पर भी तेजी से कार्य करने के अधिकारियों को निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थापना के लिए शीघ्रता से जमीन उपलब्ध कराई जाएगी। जिससे पोषण अभियान चलाने में किसी प्रकार की बाधा न रहे। प्राइमरी स्कूलों के साथ ही आंगनबाड़ी केन्द्र स्थापित होंगे। आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्री प्राइमरी स्कूल के रूप में विकसित किये जायेंगे। बयालीस सौ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्रत्येक रविवार को आरोग्य मेले आयोजित किये जाएंगे।

स्कूल चलो अभियान के तहत विद्यार्थियों के नामांकन में अच्छी प्रगति हुई है। विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं के साथ ही स्मार्ट क्लास भी स्थापित किये गये हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खेल के मैदान तथा जिम स्थापित किये जायेंगे। एक करोड़ अस्सी लाख बच्चों को यूनीफाॅर्म, बैग, पुस्तकें, जूते मोजे इत्यादि निःशुल्क उपलब्ध कराये गये हैं। विद्यालयों
में विद्युत आपूर्ति हेतु सोलर पैनल लगाए जा रहे है। किसानों की उपज हेतु बाजार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है। मृदा परीक्षण व आॅर्गेनिक खेती चुनने पर भी बल दिया जा रहा है। ड्रिप इरिगेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। ढाई वर्ष के कार्यकाल में कई दशकों से लम्बित सिंचाई परियोजनाओं को पूरा कराया गया है।

बाण सागर परियोजना का उद्घाटन पिछले वर्ष प्रधानमंत्री द्वारा किया जा चुका है। अन्य लम्बित परियोजनाएं भी शीघ्र पूर्ण हो जाएंगी। किसानों की सुविधा के लिए राज्य में मूल्य समर्थन योजना लागू की गयी है। इसके तहत उन्हें लागत का डेढ़ गुना मूल्य समर्थन मूल्य के रूप में दिया जाता है। राज्य सरकार प्रदेश में नदियों के पुनर्जीवन की दिशा में भी कार्य कर रही है। दस नदियों को पुनर्जीवित किया जा रहा है। जल संरक्षण और तालाबों की खुदाई का कार्य भी करवाया जा रहा है। नलकूपों की विद्युत आपूर्ति की समस्या से निपटने के लिए सोलर पैनल उपलब्ध कराये गये हैं। रेन वाॅटर हार्वेस्टिंग को भी अन्य जनपदों में लागू किया जाएगा। खराब पड़े हैण्डपम्पों के पाइपों का इस्तेमाल ग्राउण्ड वाॅटर रीचार्जिंग के लिए किया जा सकता है।वित्तीय समावेशन के अंतर्गत लोगों को ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुद्रा ऋण योजना के तहत आवेदनकर्ता को ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। बीमा योजनाओं के तहत दावा निपटान की प्रक्रिया को सरल बनाने की दिशा में भी कार्यवाही की जा रही है। कौशल विकास के तहत मौजूद आईटीआई को उद्योगों से जोड़ा जा रहा है। सभी जिला मुख्यालयों को फोर लेन और ब्लाॅकों को टू लेन सड़कों से जोड़ा जा रहा है। इण्टर स्टेट कनेक्टिविटी का विस्तार किया जा रहा है। सभी जिलों में बस अड्डों का काॅमर्शियल ढंग से विकास जा रहा है। इससे यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी। हर घर नल योजना पूरे प्रदेश लागू की जा रही है। बुन्देलखण्ड एवं विंध्य क्षेत्रों के लिए पेयजल योजना लागू की जा रही है। ढाई वर्षाें के दौरान बड़े पैमाने पर विद्युतीकरण सुनिश्चित किया गया है। प्रदेश में बिजलीयुक्त परिवारों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी हुई है। ग्रामों को इण्टरनेट कनेक्शन युक्त बनाये जाने की भी व्यवस्था की जा रही है।

आनंदीबेन पटेल ने स्कूल चलो अभियान के तहत उपलब्ध छात्रों का नामांकन और ड्राॅपआउट रेट की माॅनीटरिंग के निर्देश दिए।ड्राॅपआउट करने वाले बच्चों को स्कूल वापस लाने के प्रयास होने चाहिए। निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें व यूनिफार्म,बैग,स्वेटर,जूता मोजा समय से वितरित करनी चाहिए। शिक्षकों के प्रशिक्षण, शिक्षण सत्र के कैलेण्डर पर भी ध्यान देना चाहिए। स्कूलों में प्रार्थना के समय कविता पाठ, समाचार वाचन, वाद विवाद तथा पहाड़े याद करवाने पर भी ध्यान देना चाहिए। गर्भवती महिलाओं का हेल्थ चेकअप समय से होना चाहिए। उनको सहायता राशि समय से मिलनी चाहिए। उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण,स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, तथा आधारभूत अवसंरचना के तहत अच्छा कार्य किया जा रहा है। जाहिर है कि इन प्रयासों से केवल आठ जनपद ही नहीं पूरे प्रदेश के विकास को नया रूप मिलेगा।

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