मुंबई: कोहिनूर एजुकेशन ट्रस्ट (केईटी) के ग्लोबल कैपेबिलिटी कॉलेज ने एपेक्स ग्रुप के साथ मिलकर भारत के जीसीसी क्षेत्र के लिए कुशल पेशेवर तैयार करने हेतु रणनीतिक साझेदारी की है। इस पहल के तहत, 10 महीने का ‘पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एसेट सर्विसिंग’ शुरू किया गया, जिसमें 6 महीने की सशुल्क इंटर्नशिप शामिल है।
कार्यक्रम पूरा करने वाले छात्रों को 5 लाख रुपये वार्षिक वेतन के साथ नौकरी की गारंटी दी जाएगी। केईटी के अध्यक्ष सीए सुनील जी. करवे ने इसे उद्योग की मांगों के अनुरूप शिक्षा का कदम बताया।
उद्योग और शिक्षा का अनूठा संगम
नैसकॉम के अनुसार, भारत में वर्तमान में लगभग 1,200 जीसीसी हैं, जो 16 लाख पेशेवरों को रोजगार दे रहे हैं। 2030 तक इनकी संख्या दोगुनी होकर 2,400 होने और 45 लाख से अधिक रोजगार सृजित करने की उम्मीद है। इस बढ़ते बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, केईटी और एपेक्स ग्रुप ने मिलकर एक ऐसा पाठ्यक्रम तैयार किया है, जो सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल पर जोर देता है।
कोहिनूर एजुकेशन ट्रस्ट, जो 1961 से शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी रहा है, ने इस साझेदारी को भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया। केईटी के गवर्निंग बोर्ड के मानद अध्यक्ष, सीए सुनील जी. करवे ने कहा, “हमारा लक्ष्य ऐसी शिक्षा प्रदान करना है, जो वैश्विक उद्योगों की मांगों के अनुरूप हो। यह साझेदारी न केवल छात्रों को वित्तीय क्षेत्र में करियर बनाने का अवसर देगी, बल्कि भारत के जीसीसी क्षेत्र को भी मजबूती प्रदान करेगी।”
एपेक्स ग्रुप की प्रतिबद्धता
एपेक्स ग्रुप इंडिया के कंट्री हेड और ग्लोबल सर्विस सेंटर्स के प्रमुख, अक्षय ठाकुरदेसाई ने इस पहल को एक गेम-चेंजर करार दिया। उन्होंने कहा, “यह कार्यक्रम केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह छात्रों को उद्योग के लिए पूरी तरह तैयार करता है। हमारा उद्देश्य ऐसी प्रतिभाएं विकसित करना है, जो वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें।”
एपेक्स ग्रुप इंडिया के कंट्री हेड अक्षय ठाकुरदेसाई ने कहा कि यह पहल वित्तीय क्षेत्र में वैश्विक प्रतिभाओं को तैयार करेगी। यह साझेदारी भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र को मजबूती देगी और उद्योग-शिक्षा सहयोग का नया मॉडल पेश करेगी।







