नवरात्र पकवानों की सुगंध के साथ राधा-कृष्ण रूप में छायी डाण्डिया की मस्ती

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पुस्तक मेला समिति की ऑनलाइन गतिविधियां

मातृ आराधना पर्व नवरात्र पर राष्ट्रीय पुस्तक मेला और लखनऊ पुस्तक मेला के ऑनलाइन आयोजनों में बच्चों के संग बड़ों का उत्साह भी नज़र आ रहा है। आयोजनों में अनेक राज्यों से प्रतिभागिता करते हुए लोग आनलाइन क्लिपिंग भेज रहे हैं। कल के आयोजनों देवी गीत पर नृत्य, रंगोली, देवी रूपसज्जा की प्रविष्टियां आमंत्रित की गई हैं।

आयोजनों के छठे दिन आज राधा-कृष्ण के भजनों की धूम के साथ डाण्डिया रास की मस्ती खूब चढ़ी। लक्ष्मी जोशी ने- कन्हैया आ जाओ…… लोकगीत की सुगन्धि बिखेरी तो प्रदीप दुबे-विनायक मिश्रा ने युगल स्वरों में मां विंध्याचल की विशेष आरती को भक्ति भरे स्वर दिये। शाहजहांपुर के पंडित विमल शर्मा ने- कन्हैया ले चल परनी पार…. भजन, इन्दौर की शशिकला व्यास ने- कभी राम बनके कभी श्याम बनके…. स्तुति भेजी।

अदिति ने भजन- राधा दूंढ रही किसी ने मेरा श्याम देखा….. भजन सुनाया वन्दना गुप्ता और पंकज पोरवाल, सुषमा अग्रवाल, सरिता त्रिपाठी, अलका जैन ने साथियों संग राधा कृष्ण के रूप मे सज कर ड़ान्डिया की मस्ती साझा की। आभासीय संसार में नवरात्र पकवानों की सुगंध भी छायी।

सत्यम ने कूटू की रोटी आलू की सब्जी, फलों की खीर भेजी तो अदिति ने मखाने के पकवान की तस्वीर साझा की। कार्यक्रम संयोजिका ज्योति किरन रतन ने बताया कि बाल वर्ग मे भाव्या सिंह ,कनिष्का श्रीवास्तव, आयुष, वर्निका, समिक्षा, अडवान सिंह, वराली गुप्ता, सौम्या, श्रद्धा, ऐश्वर्या सज्जू, पावनी, राबिन, अंतरा चन्दोक, राधा कृष्ण के रूप में सजे और डाण्डिया नृत्य से सभी को आनंदित किया। युवा वर्ग में सुकृति के अंग अन्य कई प्रतिभागियों ने माँ दुर्गा का चित्र भेजा।

राष्ट्रीय पुस्तक मेला समिति और लखनऊ पुस्तक की इन आयोजनों में पांच से 10 वर्ष, 11 से 15 वर्ष व 16 से 20 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों के संग ही हर आयुवर्ग की महिलाओं का महिला -पुरुष वर्ग को भी शामिल किया गया है। प्रतियोगी प्रतियोगिताओं के बारे में मोबाइल नम्बर- 9415910781 में जानकारी ले सकते हैं। प्रतिभागियों को अपनी क्लिप फंक आर्ट बाई हार्ट या स्टूडेण्ट आर्ट बाई हार्ट फेसबुक पेज पर शेयर कर सकते हैं।

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