संस्कारी बच्चें करेंगे भविष्य निर्माण
लखनऊ,12 जून 2019: गीता परिवार की ओर से चल रहे सात दिवसीय अर्जुन भव संस्कार पथ शिविर का बुधवार को समापन हुआ। इस मौके पर प्रतियोगिता के विजयी बच्चांे को पुरस्कृत किया गया। न्यू हैदराबाद के खाटू श्याम मंदिर में रंगायन स्पर्धा में प्रेरणा, महाभारत के पात्रों के नाम में आंचल, श्रीमद्भगवद् गीता श्लोक स्पर्धा में आदर्श, आदर्श शिविरार्थी में सारिका ने बाजी मारी।
इस अवसर पर श्री श्याम परिवार के अध्यक्ष वीरेन्द्र अग्रवाल, महामंत्री रूपेश, उपाध्यक्ष सुधीर गर्ग, गीता परिवार के संरक्षक डा. सुधीर शंकर हलवासिया, संरक्षक अनुपम मित्तल, गीता परिवार के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा. आशु गोयल, लखनऊ के एसपी ट्रैफिक पूणेन्द्र सिंह एवं गणमान्य लोग मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरूआत सभी अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन से किया।
मीडिया प्रभारी ने बताया कि समापन अवसर पर मुख्य अतिथियों के समक्ष विशाल कश्यप के निर्देशन में म्यूजिकल योगासोपान के 16 आसनों, आस्था डावर के निर्देशन में बच्चों ने आत्मरक्षा के तरीकों, ज्योति शुक्ला के निर्देशन में गीता के श्लोकों, रूपल शुक्ला के निर्देशन में ध्यान, कविता वर्मा के निर्देशन में संस्कारी बच्चों ने गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। गीता परिवार का परिचय एवं समापन का संचालन शिवेन्द्र मिश्रा किया।
इस मौके पर डा. आशु गोयल ने बच्चांे को अर्जुन के 26 दैवीय गुणों (अभय, सत्वसंशुद्धि, ज्ञानयोग, अवास्थिति, दान, दम, यज्ञ, स्वाध्याय, तप, आर्जवम््, अहिंसा, सत्य, अक्रोध, त्याग, शांति, अपैशुनम, दया, लोलुप्त्वं, मार्दवम्, ह्री, अचापलम, तेज, क्षमा, धृति, शौच, अद्रोह, नातिमानिता) के बारे विस्तार से बच्चों को बताया जिससे बच्चों को अर्जुन भव बनने की प्रेरणा मिली।






