सबके प्रति सेवा भाव, अच्छे संस्कारों की पहचान

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लखनऊ, 03 जून 2019: गीता परिवार की ओर से चल रहे तीन दिवसीय अर्जुन भव संस्कार पथ शिविरों का सोमवार को समापन हुआ। इस मौके पर प्रतियोगिता के विजेता बच्चांे को पुरस्कृत किया गया।

हनुमान मंदिर पांडेय का तालाब में आदर्श शिविरार्थी में आशीष कुमार गुप्ता, भगवद्गीता में मुस्कान गौतम, स्त्रोतम् में श्रेया गौतम, अर्जुन साधना में अनंत मिश्रा, रचनात्मक कार्य में हर्षित तिवारी, अनुज पांडे पार्क राजाजीपुरम् में ध्यान में मान्या, महाभारत के पात्रों में शिव गुप्ता, चित्र प्रतियोगिता में अनिकेत सोनवानी, गीता में ओम त्रिपाठी, सर्वश्रेष्ठ शिविरार्थी में आध्या, महाराजा अग्रसेन पार्क न्यूतिलकनगर में भगवद्गीता में अंशु गुप्ता, सर्वश्रेष्ठ शिविरार्थी में अनन्या अग्रवाल, महाभारत के पात्रों में अश्रुत गुप्ता, रमनगरा मंडियाव में आदर्श शिविरार्थी में हर्षित सिंह, ध्यान में निखिल सिंह, धु्रव साधना में गोल्डी, रोहिनी, हिमांशु, महामाया पार्क सीतापुर रोड में आदर्श शिविरार्थी में ओजस्वी पांडेय, ध्यान में अंशिका तिवारी, प्रश्नोत्तरी में स्वातिक वर्मा, गीता में गौरी मिश्रा ने बाजी मारी।

इस अवसर पर प्रमिला तिवारी, चुन्नी सक्सेना, अरविन्द शर्मा, अनुराग पांडेय, सुधाकर द्विवेदी, रामप्रसाद साहू, सिद्धप्रकाश साहू, मंजू गौतम, उपासना पांडेय, सुनीता यादव, रेनू गुप्ता उपस्थित थे। समापन अवसर पर मुख्य अतिथियों के समक्ष शिविर में सिखायी बातों का परिचित कराया। शिविर का निर्देशन विशाल कश्यप, मेघा साहू, उदय साहू, माही वर्मा, खुशी साहू, रिया यादव, पायल साहू, कोमल गहलोत, अनुजा, अपूर्वा सक्सेना, गौतम सोलंकी, यशपाल असेरी, प्रियांशु श्रीवास्तव, सोनालिका दीक्षित, अंशित शुक्ला, दीपिका, रिया यादव, रमाकांत साहू, धर्मेंद्र पाल, पूजा साहू, नैंसी, मुकेश ने विभिन्न सत्रांे का आयोजन किया।

प्रमिला तिवारी ने कहा कि बच्चांे को शिविर में सिखायी बातों का अनुसरण करना चाहिए तभी उनका शिविर मंे जाना सार्थक होगा। चुन्नी सक्सेना ने कहा कि बच्चों को प्रतिदिन रोज भगवान की पूजा करना चाहिए तभी वो भगवान के प्रिय बच्चे बन जाएगे। पीयूष जयसवाल ने बच्चों को बताया कि माता-पिता, गुरु संग बड़े-बुजुर्गों के प्रति सेवा भाव अच्छे संस्कारों की पहचान है। सेवा से बड़ा धर्म दूसरा नहीं है। बिना स्वार्थ की गयी सेवा से सुखद अनुभूति होती है और आत्म संतुष्टि मिलती है। इसलिए हर बच्चे को जरूरतमंदों की सेवा करनी चाहिए।

वहीं दूसरी ओर राजधानी के कई स्थानों पर तीन दिनी शिविरों का भी समापन सोमवार को किया गया। जिनमें दिन प्रतिदिन ग्रीष्मकालीन शिविरों में खेलों के माध्यम से छोटे-छोटे बच्चे अपना व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ संस्कारों का ज्ञार्नाजन निरन्तर कर रहे है। राजधानी के विभिन्न स्थानों पर अवधेश्वर मंदिर राजाजीपुरम, शिव मंदिर भरतपुरी बी, हरिओम संत्सग मंदिर, सरस्वती पूजा पार्क मालवीयनगर, भुइयन देवी मंदिर में सोमवार से शिविर प्रारंभ किया गया।

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