विधानसभा अध्यक्ष की पुस्तक का विमोचन

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उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित की पुस्तक श्रृंखला में नया नाम शामिल हुआ। नई दिल्ली के विश्व पुस्तक मेला में उनकी नई पुस्तक “ऋग्वेद एक परिचय” का विमोचन हुआ। हृदय नारायण दीक्षित मानते कि चिंतन की भारतीय दृष्टि में देश काल की सीमा का बंधन नहीं है। हमारे यहां सनातन और अधुनातन का द्वंद भी नहीं रहा।

भारतीय चिंतन परंपरा में अंतरिक्ष तक को समेटा गया है। यहां निरपेक्ष सत्य को विचार का केन्द्र बनाया गया है। भारतीय दृष्टि में विश्व एक इकाई है। वहां क्षेत्रियता अथवा सामायिकता या देशगत, कालगत सीमा के बंधन नहीं है। सारी सोच लोक मंगल अभीप्सु है। हृदय नारायण दीक्षित ऋग्वेद, उपनिषद एवं अन्य वैदिक ग्रन्थों प्रकांड विद्वान है।

वह कहते है कि भारतीय चिंतन की समग्र दृष्टि है। उन्होंने अपनी पुस्तक के माध्यम से भारतीय चिंतन के विषय में देश और दुनिया को बताने का एक सार्थक प्रयास किया है। भारतीय संस्कृति सभ्यता व ऋग्वैदिक कालीन विषयों को जानने व समझने की जिज्ञाषा सम्पूर्ण विश्व में है।

हृदय नारायण दीक्षित एक महान राजनीतिज्ञ एवं लेखक है। उन्होंने वैदिक कालीन सभा समिति, भारतीय ज्ञान-विज्ञान, सोच-विचार, भारतीय संस्कृति व दर्शन पद्धति के बारे में बहुत लिखा है। उनके लेखन से भारतीय विचारों को सरल ढंग से समझने का दुनिया को अवसर मिला है।

  • डॉ दिलीप अग्निहोत्री

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