सजा सुनाने के लिए रोहतक की सुनारिया जेल में विशेष कोर्ट लगाई गई। इससे पूर्व दोनों पक्षों को दलील देने के लिए 10-10 मिनट का समय दिया गया। इस दौरान गुरमीत राम रहीम भी कोर्ट में मौजूद रहा और उसकी आंखों से आंसू टपकते रहे। वह रहम की अपील करता रहा।
चंडीगढ़ 28 अगस्त । आज बलात्कारी बाबा राम रहीम का यह भ्रम टूट गया कि वह भगवान है जब सीबीआई की विशेष अदालत ने रोते गिड़गिडा़ने रहम की भीख मांगते एक्टर बाबा की एक न सुनी और दस साल की सजा सुनाकर वकीलों को फैसले की प्रति दे दी।
हालांकि यह मामला दुर्लभ श्रेणी का था जिसपर सरकारी वकील ने अधिक से अधिक सजा की मांग की थी लेकिन दस साल की सजा जज द्वारा दी गई।
बलात्कारी बाबा जज के सामने मगरमच्छ के आंसू बहाता रहा एक्टिंग करता रहा लेकिन जज ने बाबा की एक न सुनी और सजा सुना दिया।
रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस: अभियोजन पक्ष के वकीलों ने कहा कि यह रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस है। राम रहीम ने भावनाओं का दोहन किया है। उन बालिकाओं के साथ दुष्कर्म किया जो उसे पिता कहती थीं। भगवान मानती थीं। उस पर किसी तरह का रहम नहीं किया जाना चाहिए। उसे आजीवन कारावास की सजा दी जानी चाहिए।
कैदियों को मिलने वाली पोशाक दी गई, कैदी नंबर भी बदलेगा
कोर्ट रूम से बाहर निकालने के बाद राम रहीम का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और बैरक में ले जाया गया। वहां उसे जेल में कैदियों को मिलने वाली पोशाक दी गई। अब उसे जेल के नियमों के तहत काम करना पड़ेगा। उसका कैदी नंबर भी बदला जाएगा जो अब तक 1997 था।
राम रहीम के पास अब सजा के खिलाफ अपील करने के लिए हाईकोर्ट जाने का विकल्प है। आज समय कम होने के कारण वह एेसा नहीं कर पाएगा, लेकिन बहुत संभव है कल वह हाई कोर्ट में अपील दायर करे। इस बीच हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मंत्रियों, मुख्य सचिव, गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक की बैठक बुलाई। इसमें कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई।

सजा सुनाने के लिए रोहतक की सुनारिया जेल में विशेष कोर्ट लगाई गई। इससे पूर्व दोनों पक्षों को दलील देने के लिए 10-10 मिनट का समय दिया गया। इस दौरान गुरमीत राम रहीम भी कोर्ट में मौजूद रहा और उसकी आंखों से आंसू टपकते रहे। वह रहम की अपील करता रहा।




