लखनऊ, 14 अप्रैल : बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के अटल बिहारी सभागार में अम्बेडकर जयंती व विवि स्थापना के अवसर पर यूपी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सम्बोधन में कहा कि बाबासाहेब जहाँ गये वहाँ अपनी पहचान बनाये और अपनी प्रतिभा की छाप छोड़ी।
बीबीएयू में अम्बेडकर जयंती के उपलक्ष्य में दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया था। दूसरे दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर बचपन में गरीबी, सामाजिक भेदभाव के बावजूद उन्होंने उच्च शिक्षा में जहाँ भी गये अपनी पहचान बनाये, प्रतिभा की छाप छोड़ी। उनकी प्रतिभा वरोदरा के महाराज ने देखा उसके बाद उनके लिए स्कालरशिप दी। वो आजादी के आंदोलन से जुड़े। दुनियाँ के अंदर सबसे पहले भारत में वर्ष 1952में वंचितों और महिलाओ को एक समान मताधिकार का अधिकार दिया। इंग्लैंड में भी भारत के बाद महिलाओं को वोट देने का अधिकार मिला।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहब को उत्कृष्ट ज्ञान कई विषयों डीएससी, लॉ, अर्थशास्त्र में था। बाबासाहेब ने न केवल स्वयं उच्च शिक्षा हासिल की बल्कि विश्व में सर्वश्रेष्ठ नाम है। कुलपति राजकुमार मित्तल ने लगभग 10 मिनट तक योगी सरकार के कार्यों का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि विवि में लगातार विकास कार्य किया जा रहा है।
प्रथम सत्र में अतिथि के रूप में समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण शामिल हुये। रजिस्ट्रार अश्विनी सिंह,स्थायी आयोजन समिति के अध्यक्ष के. एल. महावर,प्रॉक्टर एम.पी. सिंह, डीएसडब्लू नरेंद्र कुमार, डॉ.नीतू सिंह,डॉ. तरुणा, वीरेंद्र विक्रम सिंह, अमय सोनकर, आयूष गुप्ता आदि मौजूद रहे।
अम्बेडकर के सपनों को पीछे धकेल रहे विवि के जिम्मेदार
लखनऊ। अम्बेडकर विश्वविद्यालय के अम्बेडकर जयंती के कार्यक्रम में मंच पर एक भी महिला नहीं दिखी। बाबासाहेब ने कहा है कि किसी समाज की वास्तविक स्थिति का पता उस समाज के महिलाओं की उन्नति से चल सकती है। कई छात्रों ने के विवि प्रशासन बाबासाहेब के सपनों को पीछे धकेलने के आरोप लगाये हैं।
पास होने के बावजूद सैकड़ों छात्रों नहीं जाने की मिली अनुमति
लखनऊ। मुख्यमंत्री के आगमन के डेढ़ घंटे पहले ही विवि द्वारा जारी पास होने के बावजूद भी छात्रों को कार्यक्रम में जाने की अनुमति नहीं मिली। छात्रों ने आरोप लगाया कि विवि प्रशासन ने एक निश्चित संख्या में पास जारी किया था, फिर भी छात्रों को अम्बेडकर जयंती में न जाने देना एक प्रकार से अव्यवस्था को दिखाता है। कई घंटे छात्र कार्यक्रम में जाने की कोशिश करते रहे।







