Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Thursday, August 13
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»बच्चों की दुनिया

    जंगल से सबक

    By May 14, 2018 बच्चों की दुनिया No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 658

    नीतू सिंह

    बहुत समय पहले की बात है एक गांव में एक हट्टाकट्टा लकड़हारा रहता था। एक दिन की बात है वह जंगल में लकड़ी काटने के लिए गया। वह जंगल मे लकड़ी काट ही रहा था की अचानक उसने देखा कि लकड़ी काटते-काटते उसने पूरा जंगल ही साफ कर दिया। दूर- दूर तक कही भी पेड़ पौधे का नामो- निशान ही नहीं था। हर तरफ कटे वृक्ष, लकड़ी और फूल पत्ते ही दिख रहे थे।

    गर्मी का महीना था धूप बहुत तेज हो रही थी। और लकड़हारा प्यास और धूप से बहुत परेशान था। एक समय तो उसे लगा कि प्राण ही निकल जायेंगे। वह भयंकर गर्मी और उमस से बेहद परेशान था। हर तरफ कटे जंगल का ही नज़ारा उसे दिख रहा था। जब उससे अत्याधिक गर्मी सहन नहीं हुयी तो वह बोला: मुझे बहुत गर्मी लग रही है क्या करूं मै बहुत परेशान हो गया हूं! ना यहां पानी की सुविधा है और न ही छाँव की कोई उम्मीद! उस पर मुझे पसीना भी बहुत आ रहा है।

    काफी देर तक वह परेशान रहा और आखिर में उसे लगा की अब उसके प्राण ही निकल जायेंगे। उसने कहा लगता है मैं मर ही जाऊंगा। अचानक कटे पेड़ों के बीच से एक आवाज आई:- ‘ लकड़हारे भइया! अभी मेरे पत्तों में थोड़ी सी जान बाकी है आप चाहो तो मेरे इन पत्तों को उठाकर अपने शरीर को ढांक लीजिए इससे आपको छाँव और ठंडक मिल जाएगी। और आपके प्राण भी बच जायेंगे।

    इतना सुनते ही उसने पीछे पलटकर देखा कि वह आवाज उन कटे हुए लकड़ियों के पत्तों से आ रही थी। उसने सोचा कि मैंने तो इन्हे काट दिया था। फिर भी यह हमारे लिए इतनी बड़ी बात कर रहे हैं!

    गर्मी से बचने के लिए उसने फिलहाल तो उन पत्तों से उसने अपने शरीर को ढांक लिया और जब तक शाम नहीं हुयी और सूरज नहीं डूबा, तब तक उन पत्तों से अपने शरीर को ढके बैठा रहा। इससे उसको छांव मिलती रही और अंत में उसने राहत की सांस महसूस की। क्योंकि उसके प्राण अब बच गए थे।

    इसके बाद थोड़ी देर में ही उसे अपनी गलती का अहसास हो गया और उसकी आँखों से आंसू बह निकलें। वह उन कटे पत्तों से बोला कि मैंने तुम्हें काट दिया है और इसके अलावा सारा जंगल भी तहस -नहस कर दिया फिर भी तुमने मुझे बचा लिया। मुझे माफ कर दीजिए मैं आप सबका बहुत बड़ा गुनहगार हूं। मुझे अपनी गलती का अहसास हो गया है और अब मुझे पश्चाताप करना है!

    तब उन पत्तों ने कहा कि यदि वास्तव में तुम पश्चाताप करना चाहते हो इस जंगल को फिर से हरा-भरा कर दो। वह लकड़हारा उदास मन से घर गया और कोई लकड़ी भी नहीं ले गया और रात भर सोचता रहा कि जंगल को कैसे हरा-भरा किया जाए सुबह उठकर उसने बाजार से छोटे-छोटे ढेर सारे पौधे लिए और चल पड़ा उसी जंगल की ओर जहां उसने पूरा जंगल नस्ट कर डाला था। वहां पहुँच कर उसने जमीन में छोटे-छोटे पौधे को पौधारोपण कर दिया। और उसमे पानी डाला। इस प्रकार वह रोज उसमें पानी डालता। सुबह शाम उनकी रखवाली करता।

    इस प्रकार जब तक वह पेड़ बड़े नहीं हो गए। तब तक वह उनकी खूब सेवा करता। फिर एक ऐसा भी आया जब एक नया जंगल आबाद हो गया। इस प्रकार लकड़हारे का पश्चाताप भी पूरा हो गया और उसे भरपूर ख़ुशी भी हुयी कि उसने जंगल को फिर से हरा भरा कर दिया। इसके बाद उसने प्रण लिया कि आज के बाद मैं कभी भी किसी को इस जंगल से कोई भी वृक्ष नहीं काटने दूंगा। और लोगो को इस बात के लिए प्रेरित करूँगा कि हमेशा पेड़ पौधे लगाएं। बस यही लोगों को नेक सलाह दूंगा। पेड़ पौधे लगाएं इससे पृथ्वी की रक्षा भी होगी और हमें अपना पर्यावरण भी शुद्ध मिलेगा।

    editshagun@gmail.com

    Keep Reading

    Children will get introduced to the world of personal care through play.

    खेल-खेल में पर्सनल केयर की दुनिया से रूबरू होंगे बच्चे

    Kids to become RJs and take the mic! Big FM's magical radio station launches at KidZania.

    बच्चे बनेंगे आरजे, संभालेंगे माइक! किड्ज़ेनिया में शुरू हुआ बिग एफएम का जादुई रेडियो स्टेशन

    The wise bird's efforts were of no avail against the foolish monkeys.

    बुद्धिमान पक्षी की मूर्ख बंदरों के आगे एक न चली

    The trick of the singer donkey and the jackal.

    गायककार गधा और सियार की चालाकी

    Children raised under the guidance of their elders become the most well-mannered!

    बुजुर्गों की छत्रछाया में पलने वाले बच्चे सबसे ज्यादा संस्कारी बनते हैं!

    बच्चों का बचपन स्क्रीन पर क्यों बर्बाद हो रहा है? 2026 की हकीकत और बचाव के आसान तरीके

    Comments are closed.

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    UP's stellar performance on GeM: Three national awards alongside ₹1 lakh crore in procurement.

    जेम पर यूपी का शानदार प्रदर्शन, ₹1 लाख करोड़ खरीद के साथ तीन राष्ट्रीय पुरस्कार

    August 11, 2026
    Rajasthani Film ‘Omlo’ Makes Waves on OTT, Reaches 120+ Countries and Claims No. 1 Spot

    राजस्थानी फिल्म ‘ओमलो’ का ओटीटी पर जलवा, 120 देशों तक पहुंची कहानी

    August 11, 2026
    The Mystery of Lord Shiva's Rudra Form: When Peace Becomes a Support for Unrighteousness

    भगवान शिव के रूद्र रूप का रहस्य: जब शांति अधर्म का सहारा बने

    August 11, 2026
    A courtroom battle of truth, power, and conspiracy—‘Article 25’ is ready.

    सच, सत्ता और साजिश की कोर्टरूम जंग -‘आर्टिकल 25’ तैयार

    August 10, 2026

    स्पाइडर-मैन की आंधी में भी कायम रहा ‘दिल दीवाना हो गया’ का जादू

    August 10, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading