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    Home»बच्चों की दुनिया

    बाल कहानी:  चोंचू और घोंचू 

    By March 13, 2018 बच्चों की दुनिया No Comments5 Mins Read
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    अरविंद कुमार ‘साहू’

    चोंचू चूहा बिल बनाने मे माहिर था। जैसे कोई इंजीनियर। नए – नए डिज़ाइन और सुविधा – सुरक्षा से युक्त। सो , मूषक नगर मे उसकी बड़ी माँग थी। ज़्यादातर चूहे अपना नया निवास चोंचू से ही बनवाना चाहते थे। उसके पास काम की कमी नहीं थी।

    चोंचू के पड़ोस मे घोंचू चूहा भी रहता था। वह भी बिल ही बनाता था। लेकिन एकदम पुराने और लापरवाह अंदाज मे, वह बिल खोदना शुरू करता और फिर एक निश्चित गहराई पर ले जाकर छोड़ देता। अगर कोई थोड़ी सुविधा या दो रास्तों की माँग करता तो वो दुगनी कीमत माँगने लगता। एक दरवाजे से दिक्कत यह होती कि यदि बिल के मुहाने पर बिल्ली या साँप जैसा कोई शत्रु आ जाए या फिर बरसात मे बाढ़ का पानी भरने लगे तो बचकर भागने का रास्ता नहीं मिलता था। घोंचू बहुत सस्ता भी नहीं था, सिर्फ चोंचू से अपने को सस्ता जताने के लिए ही कीमत कम करता था।

    घोंचू कुछ नया सीखने की कोशिश भी नहीं करता था। लेकिन चोंचू की काबिलियत से ईर्ष्या बहुत करता था। उसने सोचा , यदि चोंचू न हो तो वह बहुत ज्यादा कमाई कर सकता है। सो , उसने नगर के चूहों को भडकाना शुरू कर दिया। कहने लगा – “ यदि वास्तव मे चोंचू काबिल है तो मुझसे टक्कर ले और मेरी कीमत मे बढ़िया बिल बनाकर दिखाये।”

    यह बात चूहों के मुखिया तक पहुँची। वह भी अपने लिए सुविधाजनक बढ़िया बिल बनवाना चाहता था। उसने चोंचू और घोंचू को बुलाकर अपनी बात रखी और कहा – “ इसे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा समझ कर मेरे लिए बिल बनाना शुरू करो | निश्चित कीमत और समय अवधि मे जिसका काम ज्यादा अच्छा होगा , उसे कीमत के बराबर अतिरिक्त पुरस्कार भी मिलेगा।” दोनों मान गए।

    घोंचू ने तालाब के पास एक टीले पर खुदाई शुरू की। पानी के पास से बिल बनाता हुआ चढ़ाई मे ऊपर की ओर ले गया। फिर चोटी पर लेजाकर दूसरा निकास खोल दिया। मुखिया को दिखाते हुए बोला – “ सरदार ! देखो। जब चाहो तालाब मे जाकर पानी पी लो ,या ऊपर जाकर धूप सेंक लो, बारिश मे बाढ़ का पानी बिल मे फैले तो चोटी पर चढ़ जाओ। एक तरफ कोई खतरा दिखे तो दूसरे रास्ते से भाग लो, बाकी समय बीच की जगह मे आराम करो।”

    सरदार बड़ा खुश हुआ। टीले की ऊँचाई और बिल के मुहाने को देखकर बोला – “भाई वाह ! तुम तो सिर्फ नाम के घोंचू हो , लेकिन काम ऊँचा ही करते हो। ऊपर तक दिन भर चढ़ने उतरने मे मेरी अच्छी ख़ासी कसरत भी हो जाया करेगी। ” थोड़ी प्रशंसा सुनकर घोंचू भाव खा गया।

    ” ……..और यदि कभी बारिश मे फिसलकर नीचे भी आ गिरा तो तालाब की ठंडक सारी चोट और थकान हर लेगी।” – कहते हुए सरदार अजीब तरह से मुस्कराया। लेकिन घोंचू ये व्यंग्य न समझा। बस विजयी भाव से सीना चौड़ा करके बोला – “ सरदार ! कहो तो सुरक्षा के लिए तीसरा रास्ता भी बना दूँ। लेकिन फिर कीमत आपको तीन गुनी देनी पड़ेगी।” घोंचू की बात पर सरदार बोला – “ठीक कहते हो। लेकिन चलो , पहले चोंचू का काम भी देख लूँ । इसी कीमत मे उसने क्या किया है ?”

    “ देख लो , भला मुझे क्या ऐतराज होगा।”- चोंचू के नाम से ही घोंचू जल – भुन गया। वह भी सरदार के साथ जा पहुँचा।
    बगल वाली पहाड़ी पर चोंचू का बनाया बिल भी तैयार था। चोंचू बताने लगा – “देखिये सरदार ! एक रास्ता तालाब के पास पूर्व दिशा मे खुलता है। इधर से पानी के साथ ही सुबह की धूप भी बिल के भीतर पहुँच जाएगी। दूसरा पीछे के मैदान की ओर खुलता था। सूरज डूबते समय उधर से बिल मे उजाला जाएगा और किसी खतरे के समय अतिरिक्त निकास का काम देगा।”

    “कुछ अतिरिक्त विशेषता भी है ?” – सरदार ने पूछा। चोंचू बताने लगा – “ सरदार ! इसका तीसरा दरवाजा पहाड़ी और जमीन के बीच की ऊँचाई पर दक्षिण की ओर खुलता है। सूर्य ज्यादा समय तक इसी दिशा मे रहता है जिससे आपको सारा दिन रोशनी मिलेगी। तीनों रास्ते एक दूसरे से जुड़े हैं। सो ,किसी भी तरफ से हवा चलेगी तो पूरे बिल मे ताजी ऑक्सीज़न पहुँचेगी।” बाढ़ मे नीचे पानी भरने पर आप इतनी ऊँचाई पर सुरक्षित रहेंगे। इधर से चढ़कर पहाड़ी की वनस्पतियों से भोजन भी खोज सकते हैं और मूषक नगर का जायजा भी ले सकते हैं । भीतर इतनी जगह है आपका परिवार खूब धमाचौकड़ी मचा सकता है | राशन भंडार ऊँचाई वाले रास्ते पर है , जिसमे बारिश का पानी नहीं घुसेगा। ये रास्ता एक बड़े पत्थर के नीचे खुलता है।”

    अब सरदार ने घोंचू की तरफ अर्थ पूर्ण ढंग से देखा तो वह जल्दी से कहने लगा  – “मैंने पहले ही कहा था कि आप चाहें तो मैं तीसरा रास्ता बना दूँ ……।” सरदार बोला – “लेकिन यह सारा काम तो उसी समय अवधि और कीमत मे हुआ है, लेकिन तुम्हें तो अब अतिरिक्त समय और कीमत भी चाहिए। फिर भी , ये चोंचू जैसी तकनीक कहाँ से लाओगे ?”
    घोंचू को जवाब नहीं सूझा। वह मन ही मन शर्मिंदा हो रहा था। अब उसने भी चोंचू से कुछ नया सीखने की ठान लिया था।

    मोबाइल: 7007190413

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