एक बार एक बन्दर किसी निर्माण स्थल पर कारीगरों को लकड़ी का काम करते हुए देख रहा था। उसने देखा कि कारीगरों ने एक लकड़ी के बड़े लट्ठे को बीच से चीरकर उसमें एक लड़की का टुकड़ा फंसा दिया था। ताकि वह आपस में न जुड़ें। यह देखकर बंदर को बड़ा आश्चर्य हुआ।
जब सभी कारीगर अपना काम करके लौट गए, तब बंदर ने लट्ठ की दरार के बीच फंसे उस लकड़ी के टुकड़े को तब भी बड़ी जिज्ञासा से देखता रहा। जब उससे नहीं रहा गया तो वह उसके पास आया और मस्ती में उसे खीच कर बाहर निकालने लगा। जैसे ही उसने लट्ठे के बीच फंसे लड़की के टुकड़े को खींचा, उसकी पूंछ लकड़ी के लट्ठे में फँस गयी। इसके बाद वह भयानक दर्द से चिल्लाया और छटपटाने लगा। वह मदद के लिए चिल्लाता रहा पर वहां उसकी कोई मदद करने वाला नहीं था।
शिक्षा: इसीलिए लिए कहा जाता है बच्चों कि हमें किसी दूसरे के काम में टांग नहीं अड़ाना चाहिए।
-शिखर कुमार







