एक बार कुछ भंवरे शहद पीने कमल के फूल वाले तालाब पर आएं। उनमें से एक भंवरा बड़ा लालची था। उसके सारे साथी शहद पीकर चले गए, लेकिन वह शहद पीने में मस्त रहा और रात हो गयी। अचानक कमल की पंखुड़ी बंद हो गई और वह उस में फंस गया।
दूसरे दिन तालाब में नहाने के लिए कुछ हाथी आएं। तभी हाथी के एक छोटे बच्चे ने उस तालाब से एक कमल का फूल अपनी सूंड से तोड़ा और फूल लेकर तालाब से बाहर आ गया। अचानक नन्हे हाथी को लगा। उस कमल के फूल से रोने कि आवाज आ रही है।
नन्हे हाथी ने उस फूल को अपनी सूंड से खोल दिया और अचनाक भंवरा उड़ता हुआ बाहर आ गया। इस प्रकार उस भंवरे की जान बच गयी। बाहर आकर नन्हें भंवरे ने हाथी से कहा- ‘हेलो नन्हे हाथी आपने मेरी जान बचाई मैं आपका बहुत आभारी हूं। यह सुनकर नन्हा हाथी बहुत खुश हो गया। इसके बाद दोनों में दोस्ती हो गयी और फिर वह दोनों पक्के दोस्त बन गये।








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