जातियों के जाल को तोड़कर ही बहुजन समाज दरिद्रता से आजाद हो सकता है: लक्ष्य

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लखीमपुर खीरी, 21 अक्टूबर 2019: लक्ष्य की लखीमपुर टीम ने ” बहुजन जनजागरण” अभियान के तहत एक दिवसीय कैडर कैम्प का आयोजन उत्तर प्रदेश के जिला लखीमपुर खीरी के गांव धंवरपुर में किया। इस कैडर कैम्प में लक्ष्य कमांडरों ने सामाजिक व धार्मिक कुरीतियों, अन्धविश्वास व महापुरुषों के योगदान की विस्तार से चर्चा की तथा बहुजन एकता पर बल दिया।

जनसभा को सम्बोधित करते हुए लक्ष्य ने कहा कि जातियों के जाल को तोड़कर ही बहुजन समाज दरिद्रता से आजाद हो सकता है। जातियों के जाल में एक विशाल बहुजन समाज हजारो वर्षो से जकड़ा हुआ है और गुलामी व दरिद्रता वाला जीवन जी रहा है। यह एक व्यवस्था है जो दूषित मानसिकता वाले लोगो की सोची समझी चाल है। ऐसी व्यवस्था में मजबूत चीज को भी आसानी से अपनी मुट्ठी में काबू किया जा सकता है, इसका जीता-जागता उदाहरण बहुजन समाज है जो कहने को तो बहुजन है अर्थात विशाल है लेकिन जातियों के जंजाल में फंसकर वह छोटे छोटे टुकड़ो में बट गया है जिसका परिणाम है कि वह एक लाचार व कमजोर समाज बनकर जो हजारो वर्षो से दबंगो की गुलामी करने को विवश है और वे लोग अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ अपना मुँह तक नहीं खोल पाते हैं।

लक्ष्य कमांडरों ने कहा कि बहुजन समाज की इस दुर्दशा के लिए यह जातियों का जाल ही मुख्य रूप से जिम्मेदार है । उन्होंने बहुजन समाज के लोगो से कहा कि अगर आप लोग गुलामी से निकलकर एक अच्छा जीवन चाहते है तो आप लोगो को अपनी जातियों के इस जाल को तोड़ना होगा अर्थात इस बीमारी से छुटकारा पाना ही होगा और बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर के बताये मार्ग पर चलना होगा तभी जाकर हमारा उद्धार हो सकता है । उन्होंने बहुजन समाज के लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि आओ मिलकर इस जातियों के जाल को तोड़े और आजादी का जीवन जियें।

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