बलरामपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में एक दिल दहलाने वाली घटना ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है। एक 21 वर्षीय मूकबधिर युवती के साथ गैंगरेप की शर्मनाक वारदात सामने आई है, जिसका भयावह दृश्य सीसीटीवी में कैद हुआ और सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो में युवती अपनी जान बचाने के लिए सड़क पर भागती दिख रही है, जबकि कई बाइक सवार दरिंदे उसका पीछा कर रहे हैं। इस दृश्य को देखकर लोगों के रोंगटे खड़े हो गए हैं, और अपराधियों की बेखौफ हरकत ने समाज में आक्रोश पैदा कर दिया है।
क्या हुआ था उस रात, CCTV ने खोला राज?
मीडिया रिपोर्ट और पुलिस के अनुसार, यह भयानक घटना 11 अगस्त 2025 की रात को बहादुरपुर, देहात कोतवाली क्षेत्र में हुई। युवती अपने ननिहाल से घर लौट रही थी, जो मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर था। रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने उसे बाइक पर जबरन बिठाया और एक सुनसान जगह पर ले जाकर उसके साथ गैंगरेप किया। युवती की विकलांगता के कारण वह मदद के लिए चिल्ला भी नहीं सकी। जब वह घर नहीं पहुंची, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की और उसे एक पुलिस चौकी के पास झाड़ियों में अचेत अवस्था में पाया, जहां उसके कपड़े अस्त-व्यस्त थे। मेडिकल जांच में दुष्कर्म की पुष्टि हुई, और युवती का इलाज जिला महिला अस्पताल में चल रहा है। वह स्थिर लेकिन सदमे में है।
सीसीटीवी ने खोला राज, पुलिस ने की त्वरित कार्रवाई
सीसीटीवी फुटेज में युवती को एक सुनसान सड़क पर भागते और पीछे से तीन-चार बाइकों पर सवार लोगों को उसका पीछा करते देखा गया। यह फुटेज पुलिस अधीक्षक के आवास के पास लगे CCTV कैमरे से मिली, जिसने जांच में बड़ी भूमिका निभाई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय ने बताया कि फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों, अंकुर वर्मा (21) और हर्षित पांडेय (22), की पहचान की गई। देर रात पुलिस मुठभेड़ में दोनों आरोपियों को टांग में गोली लगी, और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों ने प्रारंभिक पूछताछ में अपराध कबूल लिया है।
परिजनों का आरोप सीसीटीवी कैमरे ठीक से काम नहीं कर रहे थे
यह घटना जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक और स्थानीय जजों के आवासों से महज एक किलोमीटर की दूरी पर हुई, जिसने क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस चौकी के पास लगे सीसीटीवी कैमरे ठीक से काम नहीं कर रहे थे, जिसे उन्होंने पुलिस की लापरवाही बताया। स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर गुस्सा देखा जा रहा है, जहां कई यूजर्स ने इसे उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की बदहाली का प्रतीक बताया है।
गंभीर चिंता का विषय बनी घटना
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है, और यह पता लगाया जा रहा है कि क्या अन्य लोग भी इस अपराध में शामिल थे। सोशल मीडिया पर लोग कठोर सजा की मांग कर रहे हैं, ताकि ऐसे जघन्य अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। यह घटना समाज में नैतिक पतन और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
यह सनसनीखेज मामला न केवल बलरामपुर बल्कि पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच रहा है, और लोग इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि पीड़िता को कितनी जल्दी और कितना प्रभावी न्याय मिल पाता है।






