हाईकोर्ट ने दिया BBAU प्रशासन को करारा झटका : छात्रों के प्रवेश तत्काल प्रभाव से लेने का दिया आदेश

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हाईकोर्ट में अम्बेडकर यूनिवर्सिटी दलित स्टूडेंट्स यूनियन के छात्रों की हुई जीत

लखनऊ 20 सितम्बर। हाईकोर्ट ने छात्रों के हित में ऐतिहासिक फैसला देते हुए विवि प्रशासन से कहा कि वह तत्तकाल प्रभाव से उन छात्रों का प्रवेश वापस ले जिन्होंने मेरिट के आधार पर टॉप किया है उच्च न्यायालय के जज माननीय श्री राजन राय ने छात्रों के शैक्षिक अधिकार को देखते हुए फैसला छात्रों के पक्ष में सुनाया और विवि प्रशासन को उक्त छात्रों के प्रवेश तत्काल प्रभाव से लेने का आदेश दिया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर केन्द्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के AUDSU संगठन के सक्रिय सदस्यों को विवि ने झूठे मामले फंसाकर प्रवेश परीक्षा में एम फिल इतिहास में 94/100 अंक लाकर विवि टॉपर बसन्त कुमार कनौजिया सहित अन्य छात्रों में जयवीर सिंह और अश्वनी रंजन के प्रवेश के लिए रोक लगा दी थी।
विवि प्रशासन द्वारा की गई इस मानसिक प्रताड़ना और दुर्भावना पूर्ण कार्य के विरोध में बसंत कनौजिया ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रपति, मानव संसाधन विकास मंत्री और विवि के बोर्ड ऑफ़ मैनजमेंट के सदस्य सांसद अंजू बाला और धर्मेन्द्र यादव जी को भी प्रवेश दिलाने के लिए इस मामले में हस्तक्षेप कर न्याय की गुहार लगायी लेकिन किसी ने भी मामले को संज्ञान में नही लिया था।

इसके बाद बहुजन छात्रों ने न्याय पाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जहां उच्च न्यायालय के जज माननीय राजन राय ने छात्रों के शैक्षिक अधिकार को देखते हुए फैसला छात्रों के पक्ष में सुनाया और विवि प्रशासन को उक्त छात्रों के प्रवेश तत्काल प्रभाव से लेने का आदेश दिया।

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हाईकोर्ट में बहुजन छात्रों की जीत यह दर्शाती है कि विवि प्रशासन ने सिर्फ बहुजन छात्रों का भविष्य बर्बाद करने के लिए सारे हथकंडे अपना रहा है। वैसे पूरे AUDSU परिवार को हमारे इन साथियों की जीत पर खुशी और बधाइयां देनी चाहिए। बसन्त कनौजिया , अश्वनी और जयवीर आप लोगों को यह जीत मुबारक हो। विवि प्रशासन आपकी जय हो जो अराजक तत्वों को पनाह दे रहे हैं और पढ़ने वाले छात्रों को अराजक बताकर उनका भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। बसंत कनौजिया ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए संविधानिक दायरे रहकर अपनी आवाज उठाते रहेंगे, हम भारतीय संविधान को अपना धर्म समझता हूँ इसिलए मै मरते दम तक संविधानो के नियमो का पालन करता रहूँगा।
इस जीत के बाद बसंत कनौजिया ने बहुजन विरोधी प्रशासन को कहा कि” सत्य को परेशांन कर सकते हो, लेकिन सत्य को पराजित कभी नही कर सकते।

‘यह न्याय की जीत है और विवि प्रशासन द्वारा किये गये दुर्भावना पूर्ण कृत्त की हार: एम फिल टॉपर बसन्त कुमार कनौजिया