SOOCON 2018 का दो दिवसीय वार्षिक सम्मेलन
पटना, 15 अप्रैल। कैंसर से बचाव के लिए अवेयरनेस ही सबसे सफल तरीका है, इसलिए शरीर में किसी भी आये अवांछित बदलाव को नजरअंदाज करने के बजाय तुरंत डॉक्टरों से सलाह लेनी चाहिए। ताकि कैंसर जैसी बीमारियों को पहले ही स्टेज में पता लगाकर इलाज के जरिये उससे निजात पाया जा सके। उक्त बातें आज पटना के होटल चाणक्या में Society of Oncology, Patna द्वारा दो दिवसीय 4th Annual Conference SOOCON 2018 के अंतिम दिन डॉ. प्रीतांजलि सिंह ने कही। बता दें कि डॉ. प्रीतांजलि सिंह Society of Oncology, Patna की सचिव हैं और उन्होंने आर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. सुमंत्रा सिरकर के साथ मिलकर इस कार्यक्रम का आयोजन सफलतापूर्वक किया।
इससे पूर्व डॉ. सुमंत्रा सिरकर ने महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर के बारे में कहा कि अक्सर देखा जाता है कि छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में महिलाएं गांठ को इग्नोर करती हैं, जिससे उनमें कैंसर का पता पहले स्टेज में नहीं चल पाता है। इसलिए जब ऐसी कोई भी बदलाव शरीर में महसूस हो उन्हें तुरंत डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए।
वहीं, वेल्लोर से आये डॉ थॉमस राम ने रेडिएशन के जरिये लंग कैंसर के इलाज के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज लंगस कैंसर का इलाज रेडियो थेरेपी के जरिये और भी आसान हो गया है। साथ ही एस बी आर टी तकनीक से भी कैंसर ट्रीटमेंट में काफी फायदा मिलता है, जो कि एकदम से नइ तकनीक है। फोर्टिस गुड़गांव से आये डॉ. दुर्गादेश पांडे ने लंग कैंसर में सर्जरी की भूमिका पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि लंग्स सर्जरी के दौरान अब प्रभावित हिस्से को ही टारगेट किया जाता है। वहीं, बढ़ी हुई अवस्था में पहले कीमो और रेडियो थेरेपी देकर उसे छोटा किया जाता है। तब सर्जरी कर सकते हैं।
बात दें कि SOOCON 2018 में डॉ सपना नांगिया, डॉ अमित कुमार, संदीप गांगुली, डॉ कुमार सौरभ, डॉ. रिचा चौहान, डॉ रीना नायर समेत देश भर से आये करीब 25 फैकेल्टी ने भाग लिया। उन्होंने राज्य के 250 से अधिक डॉक्टरों, स्टूडेंट और ट्रेनी के बीच ब्रेस्ट कैंसर, लंग्स कैंसर, जी आई ट्यूमर्स, कोलेरैक्ट्रॉल कैंसर और हेममेटालॉजिकल मेलिंग्स के साथ – साथ अनकोलॉजी के क्षेत्र में डेवलपमेंट पर अपने विचारों को साझा किया। वहीं, SOOCON 2018 ऑर्गनाइजिंग को-चेयरमैन डॉ. वी पी सिंह ने कार्यक्रम के समापन समारोह के दौरान सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि SOOCON 2018 अपने मकसद में कामयाब रहा है, जिसमें कैंसर को लेकर डॉक्टरों, छात्रों और क्लिनिशियन को जागरूक किया गया।
श्री सिंह ने आगे कहा कि आज मूल रूप से चर्चा फेफड़े और ब्लड के कैंसर को लेकर हुई, जिसमें प्रमुख एकेडमिशियन ने अपने अनुभवों और सुझावों को रखा। Society of Oncology बिहार का लीडिंग अनकोलॉजिकल फोरम हैं, जो इस क्षेत्र में सक्रिय सभी छोटे से बड़े डॉक्टरों और प्रोफेशनल्स को आईडिया शेयरिंग के लिए एक मंच देता है। इसमें लोग एक दूसरे से इंटरेक्ट कर एकेडमिक बातों और उनमें आई डेवलपमेंट को शेयर करते हैं और अपने अनुभवों से अवगत कराते हैं। कार्यक्रम में SOOCON 2018 के ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. सुमंत्रा सिरकर, ऑर्गनाइजिंग को-चेयरमैन डॉ. वी पी सिंह और ऑर्गनाइजिंग सेक्रटरी डॉ. प्रीतांजलि सिंह, ज्वाइंट सक्रेटरी डॉ आर के गोस्वामी, डॉ दिनेश कुमार सिन्हा, रिसेप्शन कमेटी के डॉ एस नासिर हुसैन, साइंटिफिक कमेटी की डॉ विनिता त्रिवेदी, डॉ अविनाश कुमार सिंह, डॉ. अनिता, डॉ. आर के गोस्वामी, डॉ शेखर केसरी, डॉ अरविंद कुमार, डॉ अविनाश पांडेय और डॉ एन पी नारायण भी मौजूद रहे।







