निषाद समाज को आरक्षण दिलवाना लक्ष्‍य: मुकेश सहनी

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  • गांधी मैदान पटना में 7 अक्‍टूबर को होगा निषाद विकास संघ का ‘निषाद आरक्षण महारैला’
  • वीरांगना फूलन देवी के शहादत दिवस पर 25 जुलाई को होगा महिलाओं का शक्ति प्रदर्शन

पटना, 12 जुलाई 2018: गुरुवार को पटना के होटल मौर्या में निषाद विकास संघ के कोर कमिटी की बैठक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सन ऑफ़ मल्लाह श्री मुकेश सहनी की अध्यक्षता में संपन्‍न हुई। इस दौरान संघ के आगामी रणनीति तथा कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। बाद में पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्री सहनी ने कहा कि निषाद विकास संघ द्वारा पिछली कोर कमिटी की बैठक में लिए गए सभी निर्णयों को जमीन पर मूर्त रूप दिया गया है। उसके अनुसार किए गए कार्यों से हमने निषाद आरक्षण की लड़ाई में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। हमारी एकजुटता और प्रभाव के चलते राज्य सरकार ने केंद्र को एथ्नोग्रफिक रिपोर्ट भेज दी है। अब केंद्र सरकार से लड़कर निषाद समाज को आरक्षण दिलवाना हमारा पहला लक्ष्‍य है।

मुकेश सहनी ने कहा कि आगामी 25 जुलाई को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में वीरांगना फूलन देवी शहादत दिवस समारोह सह महिला पदाधिकारी सम्मलेन का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही 7 अक्टूबर को पटना के गाँधी मैदान में लाखों लोगों की उपस्थिति में ‘निषाद आरक्षण महारैला’ कर पार्टी के नाम की घोषणा की जाएगी। इससे पहले 26 जुलाई से संपूर्ण बिहार में घर वापसी अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत दूसरी पार्टी में शामिल निषाद भाइयों को फूल का गुलदस्ता देकर निषाद विकास संघ में शामिल करवाया जाएगा। साथ ही आरक्षण नहीं मिलने की स्थिति में 26 अगस्त से पटना से हम ‘निषाद आरक्षण संवाद यात्रा’ की शुरुआत करेंगे। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जिलों में समाज के लोगों के बीच जाकर हक़-अधिकार की लड़ाई को घर-घर तक पहुँचाया जाएगा।

उन्होंने  बताया कि पिछले कुछ महीनों में निषाद आरक्षण के लिए कई विशाल कार्यक्रम किए गए हैं। सर्वप्रथम 10 मार्च 2018 को निषाद विकास संघ के तत्वाधान में बिहार के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर आरक्षण के लिए एकसाथ धरना-प्रदर्शन कर हमने आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया था।

सहनी ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह बिहार दौरे पर कहा कि बिहार दौरे पर वे मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के साथ ब्रेकफास्ट और डिनर कर रहे हैं। मगर इससे कुछ नहीं होने वाला। उन्होंने 2015 में निषाद समाज को आरक्षण तथा हक़-अधिकार देने का जो वादा किया था अगर उसे पूरा नहीं किया तो आगामी चुनाव में बिहार से उनका सफाया हो जाएगा।

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