- बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन जारी, रेल चक्का जाम कर आंदोलन में शामिल हुए लोग
- इंटर परीक्षा के टॉपर घोटाले की हो सीबीआई जांच
पटना, 10 जून। जन अधिकार पार्टी (लो) ने आज विशेष राज्य का दर्जा की मांग और राज्य में परीक्षाओं में हो रही धांधली के विरोध में रेल चक्का जाम किया। पार्टी की ओर रेल चक्का जाम आंदोलन प्रदेश के सभी प्रमुख स्टेशनों पर किया गया और ट्रेनों का परिचालन बाधित किया गया। इस दौरान पार्टी के संरक्षक व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव आज अनोखे अंदाज में लुंगी पहन कर राजेंद्र नगर स्टेशन पर रेल चक्का जाम आंदोलन में शामिल हुए।
इस दौरान श्री यादव ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि बिहार के बंटवारे 18 वर्ष हो गये, लेकिन अब तक न तो विशेष राज्य का दर्जा मिला और न विशेष पैकज ही मिल सका है। इसका खामियाजा प्रदेश की 11 करोड़ लोगों को भुगतना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि लालू यादव ने कहा था कि उनकी लाश पर राज्य का विभाजन होगा, लेकिन अपनी सत्ता बचाये रखने के लिए उन्होंने विभाजन का विधेयक विधानसभा में पास करवाया। यूपीए सरकार में लालू यादव खुद महत्वपूर्ण विभाग के मंत्री भी रहे, लेकिन विशेष राज्य या विशेष पैकेज के लिए कोई पहल नहीं की।
सांसद ने कहा कि नीतीश कुमार भी बिहार के विभाजन के बाद एनडीए सरकार में मंत्री रहे, लेकिन उन्होंने भी कोई प्रयास नहीं किया। अब विशेष राज्य के नाम पर तमाशा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा और विशेष पैकेज देने की बात कही थी, मगर केंद्र और राज्य में एक जैसी सरकार होने के बाद भी बिहार को विशेष राज्य का दर्जा नहीं दिया गया। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हद तो तब हो गई, जब बिहार के सबसे पुराने पटना विवि को भी केंद्रीय विद्यालय का दर्जा दिलाने में नीतीश कुमार और सुशील मोदी असफल रहे। श्री यादव ने दावा किया कि उन्होंने निर्दलीय सांसद के रूप में लोकसभा में विभाजन का विरोध किया था और विभाजन की स्थिति में विशेष राज्य के दर्जे व विशेष पैकेज की मांग की थी। इसके लिए संघर्ष जारी है।
प्रदर्शन के दौरान पटना में पार्टी के प्रधान महासचिव एजाज अहमद,राष्ट्रीय महासचिव राघवेंद्र कुशवाहा,प्रेमचंद्र सिंह,राजेश रंजन पप्पू, अकबर अली परवेज, प्रदेश प्रधान महासचिव अवधेश कुमार लालू, नवल किशोर सिंह, जयप्रकाश यादव, गौतम आनंद, विकास वॉक्सर, मनीष कुमार, नीरज यादव, सागर उपाध्याय समेत सैकड़ों कार्यकर्ता व छात्र मौजूद रहे।







