रेलवे की त्वरित कार्रवाई: चालान और जांच, सोशल मीडिया पर बहस: शिक्षक की जिम्मेदारी पर सवाल, लोगों की बिहार शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई पर नजर
रांची, 8 अक्टूबर 2025: बिहार की एक सरकारी शिक्षिका द्वारा ट्रेन के एसी कोच में बिना टिकट यात्रा करने और टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) से बदतमीजी करने का वायरल वीडियो सुर्खियां बटोर रहा था। लेकिन अच्छी खबर यह है कि रेलवे ने इस मामले में फुर्ती दिखाई और आरोपी महिला को देवरिया स्टेशन पर चालान ठोक दिया। साथ ही, विभाग ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है, ताकि ऐसी घटनाओं पर भविष्य में सख्ती बरती जा सके।

क्या हुआ ट्रेन नंबर 18629 में?
घटना रांची से गोरखपुर जा रही ट्रेन नंबर 18629 के एसी कोच में घटी, जहां सिवान (बिहार) की रहने वाली यह शिक्षिका बिना टिकट बैठी मिलीं। टीटीई ने टिकट मांगा तो महिला ने न सिर्फ बदतमीजी की, बल्कि “सिर काट दूंगी” जैसी धमकियां भी दीं। बाद में स्टेशन पर उनके पिता और रिश्तेदारों ने पहुंचकर टीटीई पर ही उल्टा आरोप लगाया कि टिकट फाड़ दिया गया। वीडियो में टीटीई साफ कहते सुनाई दे रहे हैं, “आप बिहार सरकार की सरकारी मास्टर हैं, फिर भी बिना टिकट यात्रा कर रही हैं।”
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार रेलवे अधिकारियों ने बताया कि देवरिया स्टेशन पर महिला की पहचान हो गई और उन्हें जुर्माना देकर छोड़ दिया गया। लेकिन धमकी के मामले में कोई FIR दर्ज नहीं हुई, जिस पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है।
रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम ऐसी अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेंगे। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यात्रियों की सुरक्षा और नियमों का पालन हमारी प्राथमिकता है।”
यह घटना रेलवे के लिए सबक है कि बिना टिकट यात्रा रोकने के लिए और सख्त कदम उठाए जाएं। अच्छी बात यह है कि वायरल वीडियो के दबाव में रेलवे ने तुरंत एक्शन लिया, जो आम यात्रियों के लिए राहत की बात है।
अब देखना है कि बिहार शिक्षा विभाग इस पर क्या कदम उठाता है – आखिर, शिक्षक का दर्जा तो जिम्मेदारी का प्रतीक होता है!







