एलएसी पर चीन का एक और बड़ा कारनामा सामने आया है। चीन ने उस जगह हस्तक्षेप किया है जो अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक भारतीय सीमा के करीब 4.5 किमी अंदर स्थित है। अब चीन का विस्तारवादी रवैया तो किसी से छिपा नहीं है। सच तो यह है कि इसे छिपाने की उसने कोशिश भी कभी नहीं की है। दक्षिण चीन सागर से लेकर ताइवान और तिब्बत जैसे इलाकों तक में उसने अपनी इसी नीति को अमली जामा पहनाने की कोशिश की है और इसके लिए की जाने वाली किसी भी आलोचना की उसने परवाह नहीं की है। ऐसा ही एक मामला और सामने आया है।
गलवान विवाद अभी ठंडा भी नहीं पड़ा है कि उसने अरुणाचल प्रदेश में मोर्चा खोल दिया है। चीन ने कहा है कि तिब्बत के दक्षिणी हिस्सेजंगनान क्षेत्र जो भारत का अरुणाचल प्रदेश है, को लेकर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं आया है और वह अरुणाचल प्रदेश को कोई मान्यता नहीं देता।
यह विवाद तब उठा जब अरुणाचल प्रदेश के सुबनसिरी जिले में एक छोटा गांव बसा देने की चीनी साजिश का खुलासा हुआ। चीन ने जिस गुपचुप तरीके से इस गांव को बसा लिया, वह उसकी पड़ोसी देशों की जमीन हड़पने की नीति का प्रमाण है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ने अरुणाचल के ऊपरी सुबनसिरी में तकरीबन 101 घर बनाए हैं। पिछले कुछ सालों में चीन ने अरुणाचल प्रदेश के सीमाई इलाकों में जिस तेजी से अपना जाल बिछाना शुरू किया है, वह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भविष्य में चीन इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज करेगा।
चीन का सारा जोर भारत से लगी साढ़े चार हजार किलोमीटर लंबी सीमा पर जगह-जगह ऐसे निर्माण करना है जिससे सीमाई इलाकों में उसकी पहुंच आसान हो सके। यही कारण है कि अरुणाचल से लेकर डोकलाम और गलवान तक वह भारतीय सीमा क्षेत्र में पड़ने वाले इलाकों पर कब्जा करता जा रहा है और इन इलाकों को विवादित बना रहा है ताकि भारत इन इलाकों में अपनी पहुंच न बना सके। ऐसे में भारत के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने का समय आ गया है।
अब चीन की साजिशें देखकर यही लगता है कि वह भारत के साथ संबंधों को सामान्य करने की कोशिशों की जगह और बड़े कुचक्र में फंसाने का कुचक्र रच रहा है। इसके जवाब में भारत ने कहा है कि, हमारी सरकार ने भी सड़क, पुल आदि के निर्माण सहित सीमावर्ती बुनियादी ढाँचे को आगे बढ़ाया है, जिसने सीमा के साथ स्थानीय आबादी को बहुत आवश्यक कनेक्टिविटी प्रदान की है। भारत की सुरक्षा पर असर डालने वाले सभी घटनाक्रमों पर सरकार लगातार नज़र रखती है।







