परदे पर कई रंग भरती है बरसात

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हेमंत पाल 
  सावन और हिंदी सिनेमा का एक खास रिश्ता रहा है। बरसात के प्रति फिल्मकारों का प्रेम इसी से झलकता है कि उन्होंने बरसात को केंद्र में रखकर कई यादगार फ़िल्में बनाई। बरसात ने ही गीतकारों और फिल्मकारों की कल्पनाशीलता को एक नई उड़ान दी। रोमांस, विरह, चुहलबाजी और मनुहार को दर्शाने के लिए फिल्मकारों ने बरसात को जरिया बनाया। ऐसे में संगीतकारों और गीतकारों ने भी अदभुत सौंदर्य परख और काव्यानुभूति का परिचय देते हुए बरसात के गानों को यादगार बना दिया। राजकपूर की फिल्म ‘श्री 420’ में बरसते पानी में छाते के आदान-प्रदान को लेकर गीत प्यार हुआ इकरार हुआ, फिर प्यार से क्यूं डरता है दिल … फिल्माया गया। राजकपूर और नरगिस ने एक-दूसरे की आंखों में गहराई से झांकते हुए बरसते पानी के बीच जिस तरह एक-दूसरे को छाता देकर बारिश से बचाने का प्रयास किया, वह लाजवाब था। जब राजकपूर नरगिस के प्रति प्यार दर्शा रहे थे, उस समय रेनकोट में तीन बच्चों के दृश्य ने इस गीत को और भी प्रभावी बना दिया।
  
 किशोर कुमार की फिल्म ‘चलती का नाम गाड़ी’ भी पुराने दर्शक कैसे भूल सकते हैं। बारिश में भीगी शर्माती मधुबाला को, जो अपनी खराब कार किशोर कुमार के गैरेज में लेकर आती है। इसी दृश्य ने उन्हें एक लड़की भीगी भागी सी … गीत गाने को प्रेरित। फिल्म में ये गाना बरसात की उस ताकत का अहसास कराने के लिए फिल्माया गया था, जो दो अनजान लोगों में प्रेम के अंकुरण को पैदा कर देता है। रोमांटिक गीतों का उपयोग फिल्मों में औजार की तरह किया जाता है, जो अपने संगीत से दिलों के भीतर उमड़ रहे प्रेम को प्रदर्शित कर देते हैं।
  बरसात सिर्फ गानों में ही दिखी ऐसा नहीं है। बरसात ने फिल्मों में पात्र की तरह भी कमाल दिखाया है। कभी कहानी में टि्वस्ट लाना हो या क्लाइमेक्स को रोमांचक बनाना हो, बरसात हिट फार्मूला साबित हुई है। कई फिल्मकारों ने बरसात का उपयोग मौके की नजाकत को उभारने के लिए किया। कुछ फिल्मों में बरसात मधुर मिलन और खुशी की सूत्रधार बनी तो कुछ फिल्मों नायक नायिका को जुदा कराने वाली खलनायिका बन बैठी! ‘बरसात की एक रात´ में भारत भूषण को मधुबाला के दीदार कराने का श्रेय बरसात को ही जाता है। कई फिल्मों में हीरो बरसात में बस-स्टाप पर खड़ी हीरोइन को देखते ही प्यार कर बैठता है। कुछ फिल्मों में बरसात में एक ही जगह फंसे नायक नायिका कट्टर दुश्मनी होने के बावजूद प्यार करने लगते हैं। `हिना´ की कहानी की दिशा बारिश ने ही तो बदली थी। तेज बारिश के चलते ही ऋषि कपूर अपनी मंगेतर के पास जाने की बजाय पाकिस्तान की हिना यानी जेबा बख्तियार के पास पहुंच जाता है। `मैंने प्यार किया´ में नायक सलमान खान जीतोड़ मेहनत से जमा किए पैसे जब नायिका के पिता को देने जा रहा है तो विलेन अपने गैंग के साथ उसे बरसात में मारता पीटता है।
  आस्कर के लिए नामित आमिर खान की फिल्म `लगान´ की कहानी में बदलाव बरसात की वजह से ही आयता है। बरसात गांव को धोखा दे देती है, गरीब लोग खेती नहीं कर पाते हाँ और लगान देने में असमर्थ होते हैं। भुवन (आमिर खान) अंगरेजी साम्राज्य से लोहा लेने के लिए प्रेरित होता है।फिल्म के क्लाइमेक्स में मैच जीतने की खुशी में नाचते गांव वालों पर झमाझम बूंदे गिरने लगती है। जैसे अपना उद्देश्य पूरा होते ही बरसात भी गांव वालों की खुशी में शरीक होने आ गई। फिल्मकारों के लिए बरसात सिर्फ गाने या क्लाइमेक्स की सिचुशन ही है, महत्वपूर्ण टर्निंग पॉइंट भी है।
                                                                                                              (साभार)

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