Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, July 14
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    बड़ी ताकत से ममता को बड़ी चुनौती!

    ShagunBy ShagunMarch 29, 2021 Current Issues No Comments7 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 494

    इस बात को करीब तीन दशक हो गए जब लोग इंदौर की एलआईजी कॉलोनी के चौराहे पर केशरिया दुपट्टा डाले एक नेता को अकसर देखते थे! तब वे स्कूटर के पीछे बैठे नजर आते थे! ये थे कैलाश विजयवर्गीय! आज भी उनकी सहजता में फर्क नहीं आया! लेकिन, आज उनका राजनीतिक कद आसमान छूने लगा! इंदौर के बाद प्रदेश की भाजपा राजनीति में अपना दम दिखाने वाले कैलाश विजयवर्गीय ने मध्यप्रदेश के बाहर भी कारनामे किए हैं! हरियाणा में भाजपा की सरकार बनाने की जुगत लगाने के बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल के ममता राज की जड़ें हिला दी! लोकसभा चुनाव में वहाँ की 42 में से 18 सीटों पर ‘कमल’ खिलाकर उन्होंने पार्टी के लिए नई संभावनाएं भी जगाई! मुद्दे की बात की बात ये कि इस नेता ने उस राज्य में भाजपा की जड़ें मजबूत की, वे जहाँ की भाषा भी नहीं जानते! लेकिन, कहा जाता है कि विश्वास और उम्मीद की कोई भाषा नहीं होती! बंगाली राज्य के लोगों को ये भरोसा हो गया कि उन्हें कोई ममता बैनर्जी के अराजक राज से मुक्त करवा सकता है तो वो है भाजपा और कैलाश विजयवर्गीय! इसी विश्वास ने तो वहाँ कमाल किया है!

    • हेमंत पाल

    भाजपा को जब लोकसभा चुनाव ने दो सीटें मिली थी, तब अटलबिहारी बाजपेयी ने दावा किया था कि एक दिन भाजपा देश पर राज करेगी! उस समय लोगों को ये बात कुछ असहज लगी थी! क्योंकि, सामने कांग्रेस जैसी पार्टी थी! लेकिन, अंततः अटलजी की बात सही निकली! आज लोकसभा में भाजपा की 303 सीटें हैं। कुछ ऐसी ही कहानी पश्चिम बंगाल की है! इस राज्य में भी पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को मात्र 2 सीटें मिली थी!

    इस बार यहाँ भी कमाल हुआ और भाजपा ने 42 में से 18 सीटों पर कब्ज़ा जमाया! अब पार्टी विधानसभा चुनाव में वही कहानी दोहराने के प्रयास में लगी है। पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सिर्फ 3 सीट जीती थी, आज उसी पार्टी ने इतनी बड़ी चुनौती खड़ी कर दी, कि उसे राज्य में सरकार बनाने वाली संभावित पार्टी माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने राज्य में अपना ख़म ठोंक दिया। ममता बैनर्जी को जिस ‘तृणमूल’ पर भरोसा था, वह पार्टी तृण-तृण होकर बिखरने लगी। ममता की पार्टी के कई नेता पाला बदलकर भाजपा के साथ खड़े हो गए। विधानसभा चुनाव से पहले जिस तरह के हालात बदले, उससे लगता है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में काफी मजबूत स्थिति में है।

    भाजपा के विश्वास का सबसे बड़ा आधार है लोकसभा चुनाव में मिली सफलता। लेकिन, यह सब कर पाना आसान नहीं था! पश्चिम बंगाल में ममता बैनर्जी ने जिस तरह से अपनी सरकार चलाई, वहाँ किसी और पार्टी के लिए जगह बनाना बेहद मुश्किल काम था! हिंसा, अराजकता और हत्या जैसी घटनाएं यहाँ सामान्य बात है। हिंदू-मुस्लिम को बाँटकर ममता बैनर्जी ने जिस तरह वोट के लिए तुष्टिकरण की राजनीति की, उसमें सेंध लगाने की कोई सोच भी नहीं सकता था! लेकिन, लोकसभा चुनाव में सेंध भी लगी और चमत्कार भी हुआ! इस सबके पीछे एक व्यक्ति की मेहनत और रणनीति कारगर रही! ये हैं इंदौर के ‘भाई’ उर्फ़ कैलाश विजयवर्गीय! उन्होंने जिस रणनीतिक कौशल से पश्चिम बंगाल में लोकसभा की 18 सीटों पर ‘कमल’ खिलाया, वो राजनीति के जानकारों के लिए चिंतन का विषय है! कैलाश विजयवर्गीय ने सिर्फ पाँच महीने में पार्टी का आधार मजबूत किया, जिसका सुखद नतीजा सामने आया! अब वे विधानसभा चुनाव में इसी कमाल को दोहराने में लगे हैं। उन्होंने जिस तरह बंगाली लोगों में अपनी पैठ बनाई और उन्हें घर से निकलकर ममता बैनर्जी के खिलाफ खड़ा किया, वो आसान नहीं था।

    भारतीय जनता पार्टी ने बहुत सोच-समझकर ममता बैनर्जी के अभेद्य किले में सेंध लगाने के अभियान की कमान कैलाश विजयवर्गीय को सौंपी है! उन्हें पश्चिम बंगाल फतह के लिए प्रभारी बनाकर मोर्चे पर लगाया गया! वहाँ की गुंडा राजनीति को काबू करके जिस तरह भाजपा के लिए जमीन तैयार की, उसे वही समझ सकता है, जिसे वहाँ ममता बैनर्जी की राजनीतिक शैली का अंदाजा हो! भाजपा ने सबसे पहले ममता के उन किलों पर कब्ज़ा जमाया, जो ‘तृणमूल’ की ताकत थे। कैलाश विजयवर्गीय ने लोगों का भरोसा जीता, उन्हें तृणमूल पार्टी के खौफ से मुक्त किया, फिर उन्हें झंडा थमाकर सड़क पर निकाला।

    इसी का नतीजा रहा कि पश्चिम बंगाल में ‘तृणमूल’ के खिलाफ लोगों की आवाज निकली! जब कैलाश विजयवर्गीय को पश्चिम बंगाल का प्रभार सौंपा गया था, तब किसी चमत्कार की उम्मीद नहीं की थी! क्योंकि, पश्चिम बंगाल में ‘तृणमूल’ के विरोध का मतलब सिर्फ मौत था! ऐसे अराजक और अलोकतांत्रिक माहौल में कैलाश विजयवर्गीय ने अपना काम शुरू किया। लोकसभा चुनाव में ही 53 भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या हुई, जो अब बढ़कर सवा सौ से ज्यादा हो गई है! खुद कैलाश विजयवर्गीय को भी धमकियाँ मिली! लेकिन, उन्होंने कोई सुरक्षा नहीं ली! बाद में पार्टी अध्यक्ष के दबाव में कुछ दिन सुरक्षा जरूर ली, पर जल्दी ही वापस भी कर दी!

    पश्चिम बंगाल का राजनीतिक इतिहास हिंसा से भरा रहा है! वामपंथियों के राज में वहां जमकर हिंसा हुई, फिर इसे ‘तृणमूल’ ने भी खाद-पानी दिया। ममता के दो कार्यकाल में हिंसा की राजनीति कुछ ज्यादा ही पनपी! राजनीतिक विरोध का जवाब मारपीट से दिया जाने लगा! असहमति के लिए यहाँ कोई जगह नहीं है! ममता राज में लोग कितने परेशान है, इस बात का पता भी कैलाश विजयवर्गीय को वहाँ जाकर लगा! इसी वजह से उन्हें लोगों का साथ मिला! जहाँ लोग ‘तृणमूल’ के झंडे और बैनर के अलावा कुछ सोच भी नहीं सकते थे! लेकिन, वहाँ विरोध और दबाव के बावजूद भाजपा के झंडे लगे! रैलियों में भीड़ बढ़ी! घरों, दुकानों पर भाजपा का चुनाव चिन्ह दिखाई देने लगा! लोग भी भाजपा को वोट देने की अपील करने लगे! जहाँ ‘जय श्रीराम’ बोलना अपराध था, आज वहां इसका उद्घोष होने लगा! इसे कैलाश विजयवर्गीय की उपलब्धि माना जाना चाहिए कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के लोगों में ये विश्वास प्रबल किया कि भाजपा का साथ देने से उन्हें नुकसान नहीं होगा!

    वास्तव में ये विश्वास जीतना बेहद मुश्किल काम था। क्योंकि, वहां के लोग ये भ्रम भी पाल सकते थे, कि चुनाव का नतीजा कुछ भी हो, कैलाश विजयवर्गीय तो वापस लौट जाएंगे! ऐसे में उन्हें ममता सरकार का कोप भाजन बनना पड़ सकता है! लेकिन, ऐसा नहीं हुआ और लोग विजयवर्गीय के साथ सड़क पर निकल आए! इसी भरोसे ने पश्चिम बंगाल में सेंधमारी का मौका दिया। लोकसभा चुनाव में 42 में से भाजपा को 18 सीटें जीतने का मौका मिला। ये आंकड़ा भले ही ज्यादा बड़ा नहीं लगे, पर वास्तव में अप्रजातांत्रिक सत्ता के सामने पार्टी की जड़ें ज़माने के लिए ये बहुत जरुरी था। अब इसके आगे का काम विधानसभा चुनाव के नतीजों में दिखाई देगा। पिछले साल 3 सीटें जीतने वाली भाजपा इस बार राज्य में 150 से ज्यादा सीटें जीतने की कोशिश में है।

    इंदौर के मिल क्षेत्र के इस हरफनमौला भाजपा नेता को ऐसी चुनौतियाँ स्वीकारने की आदत रही है! इंदौर के जिस मिल क्षेत्र (विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-2) का उन्होंने बरसों तक प्रतिनिधित्व किया है! एक समय था, जब वहाँ भाजपा का कोई नामलेवा नहीं था! मिल मजदूरों के कारण ‘इंटक’ के प्रभाव वाले इस इलाके से उन्होंने पहली बार भाजपा को जीत का स्वाद चखाया! वे इंदौर के क्षेत्र-4 से भी चुनाव जीत चुके हैं और इंदौर विधानसभा के महू से भी! यानी इंदौर के तीन विधानसभा से वे चुनाव जीते हैं और उनके बेटे आकाश ने इन तीनों के अलावा चौथे विधानसभा (क्षेत्र-3) से चुनाव जीतकर उनके सही उत्तराधिकारी होने का सबूत दिया।

    कैलाश विजयवर्गीय ने भाजपा को पहली बार इंदौर के महापौर पर कुर्सी पर भी काबिज करवाया! इस नेता की खासियत ही यह है कि पार्टी इन्हें जो लक्ष्य देती है, वहाँ ये ‘कमल’ खिला देते हैं! इन्हें पार्टी ने पहली बार इंदौर से बाहर हरियाणा में आजमाया था! 2014 के हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए कैलाश विजयवर्गीय को चुनाव प्रभारी बनाया! इसमें भी नतीजा भाजपा के पक्ष में रहा और वहाँ पार्टी बहुमत से चुनाव जीती! इसके बाद उन्हें पार्टी ने राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया। हरियाणा में उनके प्रदर्शन से प्रभावित होकर ही पार्टी ने उन्हें पश्चिम बंगाल कमान सौंपी थी! वे यहाँ भी लोकसभा चुनाव में रणनीति बनाने और उसे क्रियान्वित करने में सफल रहे! अब उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती विधानसभा चुनाव है, जिसके लिए उन्होंने अपना सबकुछ झोंक दिया! पश्चिम बंगाल में भाजपा को जो सफलता मिलेगी, वो पार्टी की होगी, पर इसके पीछे रणनीतिकार तो इंदौरी ‘भाई’ ही होगा। -हेमंत पाल के ब्लॉग से साभार 

    Shagun

    Keep Reading

    Raj Thackeray targets Gadkari; says the Petroleum Minister is silent while the Transport Minister is preaching.

    राज ठाकरे ने गडकरी पर साधा निशाना, बोले – पेट्रोलियम मंत्री चुप, ट्रांसपोर्ट मंत्री दे रहे प्रवचन

    नफ़रती ‘कृपा’ पर जननायक की शुचिता भारी

    Launch of a massive green initiative inspired by the ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ (A Tree in Mother’s Name) campaign; Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya plants the first sapling in Jhansi.

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से प्रेरित हरित महायज्ञ का शुभारंभ, झांसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया पहला पौधा

    मंदिरों में विश्वास का संकट – निगरानी की अनदेखी अब महंगी पड़ रही है

    Ethanol Blending Controversy: Public Concern vs. Government Agenda

    एथनॉल ब्लेंडिंग विवाद: जनता की चिंता vs सरकार का एजेंडा

    An Example of Courage: When a Female Officer Won Hearts, Not Power

    साहस की मिसाल : जब एक महिला अफसर ने सत्ता नहीं, बल्कि दिल से जीता

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Raj Thackeray targets Gadkari; says the Petroleum Minister is silent while the Transport Minister is preaching.

    राज ठाकरे ने गडकरी पर साधा निशाना, बोले – पेट्रोलियम मंत्री चुप, ट्रांसपोर्ट मंत्री दे रहे प्रवचन

    July 13, 2026

    नफ़रती ‘कृपा’ पर जननायक की शुचिता भारी

    July 13, 2026
    Launch of a massive green initiative inspired by the ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ (A Tree in Mother’s Name) campaign; Deputy Chief Minister Keshav Prasad Maurya plants the first sapling in Jhansi.

    ‘एक पेड़ माँ के नाम’ से प्रेरित हरित महायज्ञ का शुभारंभ, झांसी में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने लगाया पहला पौधा

    July 13, 2026

    मंदिरों में विश्वास का संकट – निगरानी की अनदेखी अब महंगी पड़ रही है

    July 13, 2026
    'Flying squirrel' spotted in Ramnagar after 12 years.

    रामनगर में 12 साल बाद दिखी ‘उड़ने वाली गिलहरी’

    July 13, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading