डॉ दिलीप अग्निहोत्री
वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना है। यह उत्तर प्रदेश के आर्थिक परिदृश्य को बदलने वाली साबित होगी। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इसके महत्व को समझा है। इसीलिए वह लखनऊ आये। उनके आने से यहां के छोटे और मझोले उद्योगपतियों के उत्साह बढा है। इनमें पूरे प्रदेश का प्रतिनिधित्त्व हो रहा है। सरकार उद्यमियों को हर सम्भव सहयोग दे रही है। कम पूंजी में अधिक रोजगार के अवसर सृजित करने में यह क्षेत्र कामयाब होगा। राज्य सरकार एक जनपद-एक उत्पाद योजना में केन्द्र और प्रदेश की योजनाओं को जोड़कर दो करोड़ युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से स्वाबलंम्बी बनायेगी।मात्र डेढ़ वर्ष में व्यापार सुगमता की सूची में उत्तर प्रदेश का दो पायदान आगे बढ़ना सामान्य बात नहीं है। सुधार में सिंगल विंडो पोर्टल भूमि की उपलब्धता और आवंटन, कर भुगतान प्रणाली, पारदर्शी सूचनाएं और आन लाइन उपलब्धता,पर्यावरण सुधार, आवश्यक अनुमति का सहजता से मिलना आदि बिंदु शामिल थे। योगी सरकार उद्योग, व्यापार सुगमता ,कृषि, आदि सभी मोर्चो पर एक साथ कार्य कर रही है
उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए ही मुख्यमंत्री ने एक जिला एक उत्पाद योजना बनाई। एक जिला एक उत्पाद योजना को केंद्र सरकार के मुद्रा योजना, स्किल इंडिया को भी इससे जोड़ा जाएगा। स्थानीय ब्रांड को राज्य से आगे देश और अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया जाएगा। आगरा काचमड़ा उत्पाद, फिरोजाबाद का ग्लास बैंगिल्स, मथुरा का बाथरूम फिटिंग्स, मैनपुरी की तारकशी, अलीगढ़ का ताला व हार्डवेयर, हाथरस की हींग प्रोसेसिंग, एटा के घुंघरू, घंटी, कासगंज की जरी जरदोजी, इलाहाबाद का अमरूद फ्रूट उत्पाद, प्रतापगढ़ का आंवला उत्पाद, कौशाम्बी का केला उत्पाद, आजमगढ़ का ब्लैक पाटरी, बलिया की बिंदी,मऊ का पावरलूम, बरेली की जरी वर्क, बदायूं की जरी वर्क पीलीभीत बांसुरी, शाहजहांपुर की जरी वर्क, संतकबीर नगर के पीतल बर्तन,सिद्धार्थनगर का काला नमक चावल उत्पाद,चित्रकूट के लकड़ी के खिलौने बांदा का सजर स्टोन क्राफ्ट, महोबा का गौरा स्टोन क्राफ्ट हमीरपुर के जूते गोंडा का दाल उत्पाद बहराइच की गेंहू के डंठल की कला कृतियां बलरामपुर दाल फूड प्रोसेसिंग, फैजाबाद का गुड़ एवं जेगरी उत्पाद ,बारांबकी का स्टोल दुपट्टा, अम्बेडकरनगर का पावरलूम,अमेठी का बिस्कुट सुलतानपुर का मूंज के बने फर्नीचर, गोरखपुर का टेराकोटा, कुशीनगर की काष्ठ कलाकृतियां , देवरिया के प्लास्टिक के तोरण द्वार, महाराजगंज फर्नीचर, झांसी सॉफ्ट ट्वायज जालौन के हैंडमेड पेपर, ललितपुर की कृष्ण की मूर्ति, कानपुर नगर का चमड़ा उत्पाद,इटावा ,फर्रुखाबाद, कन्नौज का आलू उत्पाद ,मिर्जापुर, भदोही का कालीन उद्योग आदि सरकार की वरीयता में है।
जाहिर है कि योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश सभी जिलों को एक साथ विकास की दौड़ में आगे लाने का निर्णय लिया है। एक समय था जब उत्तर प्रदेश के जिले केवल देश ही नहीं विश्व स्तर पर विशिष्ट उत्पाद के लिए पहचाने जाते थे। कालीन, इत्र,लकड़ी,पीतल,जरी आदि अनेक उत्पाद विश्व में पहचान रखते थे। लेकिन समय के साथ यह पहचान धूमिल होती गई। पिछली सरकारों ने इन्हें संभालने का कोई प्रयास नहीं किया। योगी आदित्यनाथ ने इस ओर न केवल ध्यान दिया, बल्कि इस दिशा में बड़ी तैयारी भी की है। इसका लाभ निकट भविष्य में दिखाई देने लगेगा।







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