Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Tuesday, September 8
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Hot issue

    धरती के जन्नत कश्मीर का दर्द

    By April 11, 2018 Hot issue No Comments5 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 743
    राहुल कुमार गुप्त
    आज “जन्नत” में जाने क्यों आग सी लगी है ।
    कभी आतंक तो कभी स्वार्थ की त्रासदी है ।।
    कोई और नहीं मानव ही बसते हैं वहाँ ।
    पर क्यों आज उनकी जान पर बनी है।।
    अलगाववादी का ये जहर बना कैसे।
    कहीं पाक की तो कहीं हमारी कमी है।।
    बचपन में पढ़ा था, किताबों और चलचित्रों में देखा था स्वर्ग हमारे भारत में है और वह कश्मीर है। वहाँ के लोगों का भोलापन, वहाँ का प्राकृतिक सौन्दर्य देखते ही बनता था। मानो देवताओं के इंजीनियर विश्वकर्मा और सुन्दरता के देवता कामदेव दोनों ने मिलकर इस स्थान को स्वर्ग की एक दूसरी प्रति ही बना दी हो। आज इस स्वर्ग में जो उत्पात है, जो आतंक है उसका बीज भारत की आजादी के दौरान ही रोप दिया गया था।
    कश्मीर रियासत की सीमा भारत और पाकिस्तान दोनों से मिलती थी। यहाँ 75 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम थी। यहाँ के राजा हरी सिंह भारत और पाकिस्तान दोनों में विलय से बचना चाहते थे। भारतीय नेता जनमत संग्रह के पक्ष में थे।जनमत संग्रह हो पाता कि इससे पहले ही 22 अक्टूबर 1947 को पठान कबायलियों की सहायता से पाकिस्तान ने कश्मीर पर आक्रमण कर दिया। जिससे भयभीत राजा हरी सिंह ने चार दिन बाद ही भारत के विलय संधि-पत्र पर हस्ताक्षर कर दिये। जिससे भारतीय सेना ने पाक के टट्टुओं को कश्मीर से खदेड़ दिया। किन्तु काफी भू-भाग पर पाक सेना ने डेरा जमा लिया।
    लार्ड माउंटबेटन की चालाकी थी या परेशान नेहरू की मदद के लिये सलाह थी यह तो इतिहास के गर्भ में छिपा हुआ है। 30 दिसम्बर 1947 को नेहरू ने संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के पास याचिका भेजी कि पाकिस्तान भारत को उसकी जमीन लौटा दे। भारतीय मित्र रूस के विरुद्ध खड़े हुए इंग्लैंड और अमेरिका ने पाकिस्तान का पक्ष का लिया। इन दोनों देशों ने इस प्रश्न को भारत-पाक झगड़े का नाम दे दिया, जिसे आज तक सुलझाया न जा सका।
    यह अलगाववादी का बीज तब अंकुरित भी नहीं हुआ था। तब यहाँ के लोग तो भारत के साथ ही खड़े थे। अलगाववादी के बीज के अंकुरण के लिये भारतीय मिट्टी (यहाँ की सरकार की उदासीनता) थी तो सिंचाई व जड़ों तक पानी पहुंचाने का कार्य सीमापार से पाकिस्तान कर रहा था।
    1956 को बने कश्मीर के संविधान में मानवाधिकार को कोई स्थान नहीं दिया गया। जिसकी वजह से यहाँ के युवाओं पर जुल्मों सितम दोनों तरफ से होते रहे और इनकी सुनने वाला कोई न था। जम्मू-कश्मीर में विधानसभा का पहला निष्पक्ष चुनाव 1977 में हुआ। लेकिन इन चुनावों में बड़ी धांधली भी शुरू हो गयी जो पहले से ताकतवर थे वही निर्विरोध चुने जाते थे शेष के परचे खारिज कर दिये जाते थे। सन् 1987 के चुनाव में तो हद हो गयी, वहाँ के आम लोगों का विश्वास पूरी तरह से बिखर गया।
    आईएसआई व पाक के आतंकी संगठनों को उन्हें समझाने में बहुत मेहनत नहीं करना पड़ी। चुनाव को लेकर एक उदाहरण यहाँ देना जरूरी है कि सलाउद्दीन नाम का एक भारतीय यहाँ से चुनाव तो जीत जाता है लेकिन सत्ता पक्ष के प्रत्याशी को जिता दिया जाता है और तो और सलाउद्दीन को मारपीट कर हवालात में बंद कर दिया जाता है। जमानत पर छूटने के बाद वह सीमापार गया और एक खुंखार आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का मुखिया बन गया। दिसम्बर 1989 से पृथकतावादी सशस्त्र विद्रोह खुलकर सामने आ गया। इसे दबाने के लिये सेना का प्रयोग किया गया कहीं न कहीं सेना ने भी वहाँ की सीधी-सादी अवाम के साथ अत्याचार किये। जिससे अलगाववादियों की संख्या में इजाफा होना लाजिमी था।
     
    केसर की खुशबू में यहाँ बारूद की बू आ गयी।
    सियासतदारों के चलते यहाँ मानवता शरमा गयी।।
    इसी का ताजा उदाहरण है अभी हाल की घटना जो आज भी थमने का नाम नहीं ले रही है। हिजबुल मुजाहिदीन के स्थानीय कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद यहाँ जन-उबाल का एक नया दौर शुरू हुआ है। जिसमें बच्चे भी सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंक रहे हैं। 50 से ज्यादा मौतें 1500 सुरक्षा कर्मियों समेत 4000 लोग घायल हो चुके हैं अब तक। मातमी माहौल झेलने को विवश हो गया है कश्मीर आज।
    Image result for kashmir india
    भारत के गृहमंत्री ने सार्क सम्मेलन में पाकिस्तान में पाक के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी। वहाँ के एक अखबार पाक डेली ने भी नवाज शरीफ की कश्मीर ख्वाहिश पर जमकर खिंचाई की। गृहमंत्री 23-24 जुलाई को कश्मीर के 30 से अधिक प्रतिनिधि मंडलों से भी मिले, वहाँ की मुख्यमंत्री और राज्यपाल से भी चर्चा की तथा सुरक्षा बलों को पेलेट गन से परहेज तथा कम से कम बल प्रयोग की हिदायत दी।
    केन्द्र सरकार हुर्रियत नेताओं पर जो अब तक मेहरबान थी, करोड़ों रूपये उनके सुरक्षा, विदेश यात्रा, प्रशासनिक सुविधा, आर्थिक मदद आदि में खर्च करती थी। फिर भी उनके बोल पाक की तरफ ज्यादा हैं। ऐसे में केन्द्र ने कड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। उनका हुक्का-पानी बंद हो जायेगा। साथ ही वहां पंचायती राज जैसी संस्थाओं को मजबूत कर घाटी में सुशासन कायम करने और युवाओं को मुख्य पक्षकार की भूमिका में सामने लाने के लिए ठोस एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है। किंतु अभी तक इस सरकार द्वारा भी सभी बातें कथित ही रहीं, घाटी के हालत जस के तस हैं। पूर्ववर्ती सरकार की तरह यह सरकार भी उदासीनता का ही चोला पहने हुए है। घाटी की उम्मीदें एक बार फिर से निराशा की गहरी घाटियों में दमन हो रही हैं। अब किससे उम्मीदें हों! कि घाटी भी देश की मुख्य धारा से जुड़ जाये और जल्द ही कोई हल इस समस्या का निकल आये, घाटी पुनः केसर की खुशबू से सराबोर हो जाये।

    Keep Reading

    भूत बाबा आया

    भूत बाबा आया

    Nepal Flood Tragedy: The Most Harrowing Incident of Devastation

    नेपाल बाढ़ त्रासदी: तबाही का सबसे दर्दनाक हादसा

    रक्षाबंधन: परंपरा, पहचान और बाजारवाद का संगम

    Play ‘Ghar Ki Murgi’ staged in Lucknow

    लखनऊ में नाटक ‘घर की मुर्गी’ का मंचन

    Trump Trapped in a Labyrinth: US President's Mounting Difficulties Amid the Maze of an Iran War

    चक्रव्यूह में फंसे ट्रंप: ईरान युद्ध की भूलभुलैया में अमेरिकी राष्ट्रपति की बढ़ती मुश्किलें

    the rebel of worry

    फ़िक्र का बाग़ी

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    A Scorpio on the roof! Thieves were stunned and the whole country had a laugh at this *jugaad* (ingenious hack) by a man from Gopalganj, Bihar.

    चोरों से बचाने को छत पर चढ़वा दी स्कॉर्पियो! इस बिहारी का जुगाड़ देखकर चोर भी हैरान, देश भी हंस पड़ा

    September 7, 2026
    भूत बाबा आया

    भूत बाबा आया

    September 7, 2026
    A spectacular coming-together of Ranbir, Alia, and Vicky in Bhansali's grand world.

    भंसाली की भव्य दुनिया में रणबीर-आलिया-विक्की का धमाकेदार संगम

    September 6, 2026
    Gang arrested for honey-trapping and blackmailing the Walterganj Station House Officer (SHO).

    वाल्टरगंज थानाध्यक्ष को हनीट्रैप में फंसाकर ब्लैकमेल करने वाला गिरोह गिरफ्तार

    September 6, 2026
    Deputy Chief Minister distributes housing approval letters in Amethi; says every eligible family will get a permanent house.

    उपमुख्यमंत्री ने अमेठी में बांटे आवास स्वीकृति पत्र, बोले: हर पात्र परिवार को मिलेगा पक्का घर

    September 6, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading