न बम गिरेगा, न परमाणु युद्ध होगा, कैसे हिंगलाज भवानी के मंदिर और नानक देव के जन्मस्थान को कोई नेस्तनाबूद कर सकता है ?
सिखों के पवित्र गुरूद्वारे करतारपुर साहेब के दर्शन बगैर वीसा -पासपोर्ट के करने कि तैयारियां चल रही हैं, यह चित्र सीमापार के करतारपुर साहेब के कारिडोर को भारत के लिए खोलने की तैयारी अंतिम चरण में दिख रही हैं . 12 नवम्बर को बाबा नानक देव के जन्मोत्सव के पहले 9 नवंबर को यह कोरिडोर को खोल दिया जाएगा . हर दिन पांच हज़ार सिख उस तरफ जा कर दर्शन कर सकेंगे , पाकिस्तान सरकार प्रत्येक सिख तीर्थयात्री से बीस डॉलर अर्थात कोई पन्द्रह सौ रूपये लेगी, इसमें रावी नदी पर बने आठ सौ मीटर के पूल तथा रस्ते के इस्तेमाल का हर्जाना है , हालांकि पज्नाब के मुख्यमंत्री ने इस फीस का विरोध किया है लेकिन केन्द्र सरकार ने इस पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया हैं
यह तय है कि दोनों देशों के बीच बातचीत कहीं यूरोप में चल रही हैं, ट्रम्प इस सारी बातचीत में शामिल हैं, बस दोनों नेताओं को स्थानीय सियासत में अपना चेहरा बचाना और अपनी जीत दिखानी है – इसी का फार्मूला तलाशा जा रहा हैं .
जिस दिन पांच हज़ार लोग हर दिन उस तरफ जाने लगेंगे और दोनों तरफ के इंसानों के सीधे ताल्लुक बढ़ेंगे, जान लें सियासती तनाव भी कम होंगे, एक बार फिर नानक देव दोनों के बीच की शांति का जरिया बने यही प्रार्थना हैं
– वायरल इशू: पंकज चतुर्वेदी की वॉल से







