नई दिल्ली, 24 मई। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार इससे आम आदमी को राहत देने का विकल्प तलाश रही है। इस बीच ऐसा माना जा रहा है कि सरकार ईंधन सब्सिडी दे सकती है। इसको लेकर वैश्विक वित्तीय फर्म मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने भी संभावना जताई है।
उसने कहा है कि सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम उत्पादन कंपनी ऑयल इंडिया और ओएनजीसी को सरकार एक बार फिर से ईंधन सब्सिडी का बोझ साझा करने को कह सकती है। ओएनजीसी और ऑयल इंडिया कंपनी को 13 साल से अधिक समय तक ईंधन की खुदरा बिक्री करने वाली कंपनियों को लागत से कम मूल्य पर पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और केरोसिन बेचने की वजह से उनको होने वाले नुकसान की भरपाई करनी पड़ी थी।
वैश्विक स्तर पर 2015 में कच्चे तेल के दाम नीचे आने के बाद ओएनजीसी और ऑयल इंडिया को सब्सिडी साझा करने के दायित्व से मुक्त कर दिया गया था। मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अब इन कंपनियों पर फिर से सब्सिडी का बोझ साझा करने का खतरा बढ़ रहा है।







