स्वीडन भारत में नव्यकरणी उर्जा को बढ़ावा देगा

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  • स्वीडन ने भारतीय कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए
  • स्वीडिश सरकार ने स्वीडन की आधुनिक उर्जा तकनीकों को भारत लाने के लिए खोला अपनी तरह का पहला शोरूम- ‘सस्टेनेबिलिटी बाय स्वीडन- शोरूम इण्डिया’ 
मुंबई, 04 दिसम्बर 2018: स्वीडन इण्डिया ने भारत में उर्जा दक्षता बढ़ाने तथा तकनीक को बढ़ावा देने के लिए नव्यकरणी उर्जा क्षेत्र में दो समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं। पहला एमओयू स्वीडिश सोलर पम्प निर्मित स्पोवड़ी एवं बैंगलोर आधारित ईएमवीईई के बीच बैंगलोर में स्थानीय मैनुफैक्चरिंग/असेम्बली युनिट की स्थापना के लिए किया गया है। दूसरा एमओयू स्वीडिश अर्थ फाॅल्ट प्रोटेक्शन सिस्टम प्रदाता स्वीडिश न्यूट्रल एवं भारत की प्रमुख वितरण कंपनी टाटा पावर डीडीएल के बीच दिल्ली में अर्थ फाॅल्ट प्रोटेक्शन की स्थापना के लिए किया गया है।
स्वीडन इण्डिया नोबेल मैमोरियल प्रोग्राम के तहत स्वीडिश एनर्जी एजेन्सी बिज़नेस स्वीडन एवं स्वीडन दूतावास द्वारा शुरू किए गए अपनी तरह के पहले ‘सस्टेनेबिलिटी बाय स्वीडन- शोरूम इण्डिया’ के मद्देनज़र ये समझौता ज्ञापन किए गए हैं। शोरूम का उद्घाटन बिज़नेस स्वीडन, नई दिल्ली में किया गया। उद्घाटन करने वाले दिग्गजों में शामिल थे श्री ए के वर्मा, संयुक्त सचिव, विद्युत मंत्रालय, मिसजो साकारे, काउंसलर एवं हैड-इकोनोमिक अफेयर्स, स्वीडन दूतावास तथा मिस जोसेफाईन बहरल जुंगडेल-डायरेक्टर आॅफ इंटरनेशनल अफेयर्स, स्वीडिश एनर्जी एजेन्सी।
भारत और स्वीडन के बीच आपसी सहयोग का लंबा इतिहास है, जिसके तहत उर्जा, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी तथा स्थायी शहरी नियोजन में कई समझौता ज्ञापन किए गए हैं। इस सहयोग को और अधिक सशक्त बनाने के लिए द्विपक्षीय प्रोग्राम-इण्डिया स्वीडन इनोवेशन्स एक्सेलरेटर की दिशा में एक कदम और बढ़ाते हुए शोरूम की स्थापना की गई है। शोरूम स्वीडन की 20 से अधिक आधुनिक तकनीकों को प्रस्तुत करेगा, जिन्हें समर्पित आईएसआईए प्रोग्रम के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। यह प्रोग्राम भारत और स्वीडन के बीच आधुनिक उर्जा तकनीकों पर अनुसंधान, इनोवेशन्स एवं कारोबारी सहयोग को प्रोत्साहित करेगा।
श्री अरुण कुमार वर्मा, संयुक्त सचिव, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा, ‘‘भारत तेज़ी से विकसित होता देश है और विश्वस्तरीय उर्जा क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता है। देश में नव्यकरणी एवं स्थायी समाधानों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। हम भारत और स्वीडन के बीच के संबंधों को और मजबूत बनाना चाहते हैं और यह प्रोग्राम इसी दिशा में नई तकनी कों एव इनोवेशनस को प्रोत्साहित करेगा। मैं स्वीडन की इस पहल को सफलता के लिए शुभकामनाएं देता हूं और उम्मीद करता हूं कि दोनों देशों के बीच के मजबूत संबंध नई विशेषज्ञताओं को बढ़ावा देंगे।’’ 
श्री लुडविगलिंड स्ट्रोम, कंट्रीहैड इण्डिया, स्वीडिश एनर्जी एजेन्सी ने कहा, ‘भारत और स्वीडन दोनों स्थायी एवं हरित उर्जा की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए इनोवेशन्स को प्रोत्साहित करते हैं। इण्डिया-स्वीडन इनोवेशन्स एक्सेलरेटर प्रोग्राम भारत एवं स्वीडन की सरकार के बीच आपसी सहयोग का परिणाम है जो नवीन एवं नव्यकरणी उर्जा तकनीक को प्रोत्साहित करता है। स्वीडन सबसे स्थायी देशों में से एक है जिसका नव्यकरणी उर्जा में बड़ा योगदान है, 2045 तक यह पूरी तरह का र्बन उदासी न होगा। भारत में स्थायित्व, संयुक्त इनोवेशन्स, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देने के लिए हमने यह शोरूम खोला है।

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