वैश्विक स्तर पर एसएसई की 20वीं वर्षगांठ के जश्न में आयोजित कार्यक्रम में ऊषा सिलाई स्कूल की पांच महिला कारोबारियों को सम्मानित किया गया
नई दिल्ली, 22 अप्रैल, 2019: ऊषा इंटरनेशनल लिमिटेड की एक पहल, ऊषा सिलाई स्कूल ने भारत में पहले माइकल यंग मेमोरियल लेक्चर के लिए स्कूल ऑफ सोशल एंटरप्रेन्योर्स इंडिया (एसएसई इंडिया) से हाथ मिलाया। दुनिया भर में एसएसई की 20वीं वर्षगांठ, एसएसई इंडिया की तीसरी वर्षगांठ और सोशल स्टार्टअप फैलोशिप प्रोग्राम 2018 के दीक्षांत समारोह के अवसर पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम ने सामाजिक नवाचार और उद्मिता के प्रति लगातार प्रतिबद्धता पर बल दिया।
“साहस के शिखर” की थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से हाउस ऑफ लॉड्र्स की को-ऑपरेटिव मेंबर एवं लेबर बैरोनेस डोरोथिया ग्लेनीज थॉर्नटन का प्रमुख संबोधन शामिल रहा। इसके अलावा कार्यक्रम में “सामाजिक उपक्रम के निर्माण में निजी क्षेत्र” की भूमिका विषय पर पैनल चर्चा भी हुई। पैनल में बैरोनेस थॉर्नटन के साथ डॉ. प्रिया सोमैया, ज्योत्सना सितलिंग, शर्मिला कर्वे और हरिवंश चतुर्वेदी शामिल थे। कार्यक्रम में ऊषा सिलाई स्कूल की पांच महिला कारोबारियों और एसएसई से ग्रेजुएशन कर रहे सामाजिक उद्यमियों के मौजूदा बैच को भी सम्मानित किया गया।

ऊषा सोशल सर्विसेज की कार्यकारी निदेशक डॉ. प्रिया सोमैया ने कहा, “ग्लोबल लेवल पर एसएसई की 20वीं वर्षगांठ पर हम एसएसई इंडिया से साझेदारी कर काफी गर्व महसूस कर रहे हैं। हम एसएसई के संस्थापक माइकल यंग की जिंदगी का जश्न मना रहे हैं। एसएसई का प्रेरणादायक सफर ऊषा सिलाई स्कूल के विजन से काफी मेल खाता है। ऊषा स्कूल ने गरीब समुदाय की महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से ताकतवर बनाने के लिए सिलाई को एक प्लेटफॉर्म की तरह इस्तेमाल किया। इससे महिलाएं घर बैठे ही सुविधाजनक ढंग से पैसे कमाने के काबिल बन गईं। इससे न सिर्फ उनके जीवन स्तर में सुधार आया, बल्कि उन्होंने अपने परिवार को भी सहारा दिया।“
इस अवसर पर बैरोनेस ग्लेंनीज थॉर्नटन ने कहा, “एसएसई अगली पीढ़ी के सामाजिक उद्यमियों को आधुनिक संसाधनों से लैस करने में विश्वास रखता है, जिससे बड़े पैमाने पर सामाजिक और पर्यावरणीय बदलाव लाए जा सकें। इसलिए मुझे माइकल यंग लेक्चर देने का प्रस्तानव मंजूर करने में काफी खुशी हुई। हमारा उद्देश्य लोगों को मोबिलाइज करना और समाज में व्यापक बदलाव लाने के लिए कारोबार के प्रति उनके नजरिये का समर्थन करना है।







