चंद्रयान-2 मामले में सोशल मीडिया पर वैज्ञानिकों के प्रति बेहद आदर सामान है यूजर्स कयास लगा रहे हैं की कहीं इसमें एलियन या पाक का तो हाथ नहीं?
रात के करीब 2:00 बजे इसरो सेंटर बेंगलुरु में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बैठकर किसी खास ऐतिहासिक पल का इंतजार कर रहे थे। वैज्ञानिकों की निगाहें कंप्यूटर की स्क्रीन ऊपर चांद से संकेतों का इंतजार कर रही थी, लेकिन यह क्या लेंडर विक्रम से संपर्क अचानक टूट गया। यह संपर्क एक बार टूटा तो इंतजार करने के बाद भी वापस नहीं आप आया। वैज्ञानिकों के चेहरे उदास हो गए!

यह वह पल था जब चंद्रयान मिशन के रॉकेट लांचर का सबसे आगे का हिस्सा विक्रम सॉफ्ट लैंडिंग करने जा रहा था, तभी अचानक चारों तरफ सन्नाटा पसर गया। इसरो के मीडिया केंद्र में भी असमंजस की स्थिति बन गई। वैज्ञानिकों ने 2:15 बजे तक कोई अधिकारिक बयान देकर यह साफ नहीं किया था की वास्तव में तकनीकी समस्या आयी कहाँ पर!
खैर जो हुआ सो हुआ लेकिन हमारे देश के वैज्ञानिकों ने हार नहीं मानी, देखिएगा हम होंगे कामयाब एक दिन
- ऐसे में अगर ये हमारे कार्टून वैज्ञानिकों का कुछ हौसला बढ़ा सकें तो हम अपने काम को सार्थक समझेंगें!







