लखनऊ: उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने उपभोक्ता परिषद द्वारा उठाए गए मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाते हुए नोएडा पावर कंपनी और यूपीएसएलडीसी को पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार और सदस्य संजय कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश में नोएडा पावर कंपनी को बिजली आपूर्ति, व्यवधान और कटौती की दैनिक जानकारी सार्वजनिक करने का निर्देश दिया गया है। ऐसा न करने पर विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 142 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
यूपीएसएलडीसी की स्वतंत्रता पर जोर:
आयोग ने यूपीएसएलडीसी की निष्पक्षता और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र प्रबंध निदेशक नियुक्त करने का आदेश दिया। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि ट्रांसमिशन, उत्पादन और यूपीएसएलडीसी का प्रबंध निदेशक एक ही होने से निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं।
सर्टिफिकेट प्राप्त अभियंताओं को इंसेंटिव:
उपभोक्ता परिषद की मांग पर आयोग ने यूपीएसएलडीसी में ईमानदारी से सेवा देने वाले सर्टिफिकेट प्राप्त अभियंताओं को प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान किया। वर्मा ने तर्क दिया कि उपभोक्ताओं की सेवा में तत्पर अभियंताओं को प्रोत्साहित करना जरूरी है।
भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल:
उपभोक्ता परिषद ने पावर कॉरपोरेशन और पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन में लेटरल एंट्री के जरिए मुख्य अभियंता स्तर की भर्तियों पर सवाल उठाया था। आयोग ने इस पर पावर कॉरपोरेशन को आंतरिक जांच करने की सलाह दी है ताकि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता की पुष्टि हो सके।
24 घंटे बिजली आपूर्ति का मुद्दा:
उपभोक्ता परिषद ने कंज्यूमर राइट रूल 2020 के तहत 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की थी। आयोग ने इसे गंभीरता से लेते हुए अपने आदेश में इस पर जोर दिया है। आदेश के बाद अवधेश कुमार वर्मा ने आयोग के अध्यक्ष और सदस्य से मुलाकात कर उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह आदेश उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के हित में एक ऐतिहासिक कदम है, जो नोएडा पावर कंपनी और यूपीएसएलडीसी को जवाबदेह बनाएगा।
मालूम हो कि विद्युत नियामक आयोग के इस आदेश से न केवल उपभोक्ताओं को पारदर्शी और निर्बाध बिजली आपूर्ति की उम्मीद बढ़ी है, बल्कि यूपीएसएलडीसी की स्वतंत्रता और भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।







