लखनऊ। गीता जयंती के पावन अवसर पर स्वामी गोविंददेव गिरी महाराज के पावन सान्निध्य, गीता परिवार के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. संजय मालपाणी, अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष डॉ. आशू गोयल की उपस्थिति में सामूहिक गीता पठन का आयोजन पूरे भारतवर्ष में गीता परिवार के तत्वावधान में किया गया। विश्व इतिहास में पहली बार गीता जयन्ती पर गीता परिवार की ओर विश्व के 180 देशों से एक लाख गीताप्रेमियों ने 42 घंटों तक ऑनलाइन अखण्ड अष्टादश गीता पारायण में सम्पूर्ण श्रीमद्भगवदगीता के 18 अध्यायों का 18 बार शुद्ध संस्कृत पारायण हिन्दी, अंग्रेजी, मराठी, गुजराती, बांग्ला, कन्नड़, तमिल, तेलुगु, उड़िया, नेपाली, असमिया, मलयालम, सिंधी भाषाओं किया गया। इसी कड़ी में गीता परिवार की ओर से श्रीमद्भगवद्गीता का प्राकट्य मोक्षदा एकादशी के दिन ऐशबाग स्थित शास्त्रीनगर के कल्याणकारी आश्रम श्रीदुर्गा मंदिर में धूमधाम से गीता जयन्ती महोत्सव भक्तिमय वातावरण में मनाया गया। इस मौके पर मंदिर परिसर को रंग बिरंगे फूलों, झालरों एवं सुन्दर रंगोलियों से सजाया गया था।

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि राजेन्द्र पेंसिया आईएएस उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारम्भ राजेन्द्र पेंसिया, अनुपम मित्तल, डॉ. आशू गोयल अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष गीता परिवार एवं ताराचंद अग्रवाल मंदिर समिति के प्रमुख ने दीप प्रज्जवलन एवं गीता पूजन से किया गया।
कार्यक्रम में प्रथमचरण में पूजा गोयल ने भक्तिमय भजनों से विघ्रहर्ता गणेश की चरणों में अगाध श्रद्धा का प्रथम पुष्प अर्पित किया। भजनों के उपरान्त अनुराग पांडेय ने वर्तमान समय गीता के महत्व और सार अपने जीवन में कैसे आत्मसात कर सकते है के बारे में बताया।
गीता विशारद ज्योति शुक्ला, कविता वर्मा, ख्याति गुप्ता, मनीषा बर्धन, किरन जैन के नेतृत्व में 300 आफलाइन गीता प्रेमियों एवं उत्त्तर प्रदेश के विभिन्न राज्यों से 20 हजार गीता साधकों ने सम्पूर्ण श्रीमद्भगवदगीता के 18 अध्यायों का 18 बार शुद्ध संस्कृत पारायण कर मंदिर परिसर को गीतामय से गुंजायमान कर दिया।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण में डॉ. आशू गोयल ने गीता के संदेशों पर प्रकाश डाला। श्रीभगवान ने स्वयं गीता के 18वें अध्याय के 68वें 69वें श्लोक में कहा है कि गीता पढ़ने और पढ़ाने वाले सभी लोग भगवान को अत्यंत प्रिय हो जाते हैं।







