बाराबंकी में 02 मई को अमेठी जल बिरादरी के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय जल साक्षरता युवा संवाद यात्रा का समापन बनीकोडर ब्लॉक के छंदवल गांव में हुआ। बेसिक उत्थान एवं ग्रामीण सेवा संस्थान द्वारा संचालित चाइल्ड फ्रेंडली स्कूल में बिरजू संस्थान के सहयोग से “हमारा लक्ष्य जल स्वराज से ग्राम स्वराज” विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई।

मुख्य अतिथि रमेश शर्मा ने नदियों की गाद और सिल्ट की समस्या पर प्रकाश डालते हुए उनके धीमे और निरंतर प्रवाह की आवश्यकता बताई। उन्होंने अपने गीत “नदियां धीरे बहो” से उपस्थित लोगों को प्रेरित किया। अध्यक्ष डॉ. राम बहादुर मिसिर ने जल संरक्षण के लिए प्राचीन भारतीय परंपराओं को अपनाने पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि पी.एन. प्रसाद ने नदियों और तालाबों को परंपराओं से जोड़कर संरक्षित करने की बात कही।
डॉ. अर्जुन पांडे ने भूमंडलीकरण, नगरीकरण और औद्योगिकीकरण को जल संकट का प्रमुख कारण बताया और स्थानीय स्तर पर जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। इंजीनियर सुनील बाजपेयी, कृष्णानंद राय, डॉ. अभिमन्यु पांडेय, इकबाल राही और शैलेंद्र सिंह ने भी जल संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विचार रखे।
कवियों डॉ. अम्बरीश अम्बर, डॉ. ओ.पी. वर्मा, अनिल कुमार श्रीवास्तव और साहब नारायण ने अपनी रचनाओं से जल संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम में स्कूल की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बिरजू संस्थान के अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने स्वागत और संचालन किया, जबकि प्रधानाध्यापक विनोद कुमार ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
कार्यक्रम में शिक्षक, स्टाफ, चाइल्ड लाइन सुपरवाइजर और सैकड़ों गणमान्य लोग, बच्चे व महिलाएं उपस्थित रहे।







