- दीपावली से पहले बिजली दरों की घोषणा की मांग, उपभोक्ता परिषद ने सरकार से लगाई गुहार
- 152 दिन बाद भी नई बिजली दरों का ऐलान नहीं, उपभोक्ताओं में आक्रोश; मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की अपील
लखनऊ : उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने दीपावली से पहले नई बिजली दरों की घोषणा की मांग तेज कर दी है। शनिवार को आयोजित एक वेबिनार में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से जुड़े उपभोक्ताओं ने हिस्सा लिया और बिजली दरों की घोषणा में देरी पर गहरी नाराजगी जताई। विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 64 के तहत नियामक आयोग को 120 दिनों में दरें घोषित करना अनिवार्य है, लेकिन 152 दिन बीतने के बावजूद घोषणा नहीं हुई, जो ऊर्जा क्षेत्र के इतिहास में पहली बार है।

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने आरोप लगाया कि कुछ नौकरशाह और निजी घराने बिजली दरों में भारी वृद्धि की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा, “बिजली कंपनियों पर ₹33,122 करोड़ का सरप्लस है और 2025-26 में ₹3,000-4,000 करोड़ का अतिरिक्त सरप्लस संभावित है। ऐसे में दरों में बढ़ोतरी नहीं, बल्कि कटौती होनी चाहिए।”
उपभोक्ताओं को आशंका है कि दीपावली के बाद दरों में वृद्धि की योजना है, ताकि जनविरोध से बचा जा सके। वर्मा ने मांग की कि सरकार विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत हस्तक्षेप करे और दीपावली से पहले दरों की घोषणा सुनिश्चित करे। उन्होंने देरी के कारणों की उच्च स्तरीय जांच की भी मांग की।
प्रमुख मांगें:
- दीपावली से पहले बिजली दरों की घोषणा।
- दरों में कटौती, वृद्धि नहीं।
- घोषणा में देरी के कारणों की निष्पक्ष जांच।
- सरकार का तत्काल हस्तक्षेप।
उपभोक्ताओं को भरोसा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस मुद्दे पर शीघ्र कार्रवाई करेंगे और दीपावली पर जनता को राहत देंगे।







