लखनऊ/नई दिल्ली: 12 जुलाई: उदयपुर में 2022 में दर्जी कन्हैया लाल की हत्या पर आधारित फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ की रिलीज को लेकर विवाद गहराया। दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई 2025 को फिल्म की 11 जुलाई की रिलीज पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने केंद्र सरकार को सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत फिल्म की समीक्षा कर सात दिनों में फैसला लेने को कहा।
विवाद के दो पक्ष
जमीयत उलेमा-ए-हिंद और पत्रकार प्रशांत टंडन ने याचिका दायर कर दावा किया कि फिल्म का ट्रेलर सांप्रदायिक तनाव भड़का सकता है। वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने इसे नफरत फैलाने वाला बताया। दूसरी ओर, निर्माता अमित जानी और निर्देशक भरत एस. श्रीनाते ने कहा कि फिल्म कन्हैया लाल के परिवार को न्याय दिलाने के लिए बनाई गई है। उन्होंने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है।

कन्हैया लाल की पत्नी का पत्र
कन्हैया लाल की पत्नी जशोदा ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर फिल्म की रिलीज की मांग की, इसे अपने पति की हत्या की सच्चाई बताने वाला बताया।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
9 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी मोहम्मद जावेद की फिल्म पर रोक की याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार किया, मामले को 14 जुलाई के लिए नियमित बेंच में भेजा। हालांकि, हाईकोर्ट की रोक ने रिलीज को टाल दिया।
एक सप्ताह में फिल्म पर फैसला लेना है केंद्र सरकार को
केंद्र सरकार को एक सप्ताह में फिल्म पर फैसला लेना है। निर्माता सुप्रीम कोर्ट में अपील के साथ रिलीज की उम्मीद बनाए हुए हैं। कन्हैया लाल के बेटे यश साहू ने रोक पर निराशा जताई, कहा कि फिल्म सच्चाई दिखाती है।







