अब तक 16 बच्चों की मौत | जांच रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा
छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश: कफ सिरप से जुड़े एक बड़े कांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से अब तक 16 बच्चों की मौत हो चुकी है, जिसमें परासिया उपखंड में 7 सितंबर से 10 बच्चों की जान गई। जांच में सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की खतरनाक मात्रा (46.2%) पाए जाने के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। शनिवार देर रात पुलिस ने इस सिरप को लिखने वाले डॉक्टर प्रवीण सोनी को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में चौंकाने वाला खुलासा
तमिलनाडु ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट की लैब रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि कोल्ड्रिफ सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल, एक जहरीला रसायन जो आमतौर पर एंटी-फ्रीज और ब्रेक फ्लूइड में इस्तेमाल होता है, मौजूद था। यह रसायन किडनी को पूरी तरह नष्ट कर सकता है। मध्य प्रदेश सरकार ने तत्काल प्रभाव से कोल्ड्रिफ सिरप और इसकी निर्माता कंपनी सेसन फार्मास्युटिकल्स की सभी दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी। तमिलनाडु ने भी प्रेसन कफ सिरप पर प्रतिबंध लगाया है।

डॉक्टर पर FIR, कार्रवाई तेज
परासिया थाने में डॉक्टर प्रवीण सोनी और सेसन फार्मास्युटिकल्स के संचालकों के खिलाफ ड्रग्स एवं कॉस्मेटिक एक्ट की धारा 27(ए), एनएस की धारा 105 और 276 के तहत मामला दर्ज किया गया। परासिया सीएचसी के बीएमओ अंकित सहलाम की शिकायत पर डॉक्टर को गिरफ्तार किया गया, क्योंकि ज्यादातर मृतक बच्चों को यही सिरप उनके द्वारा लिखा गया था।
केंद्र और राज्य सरकारें अलर्ट
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 6 राज्यों में दवा उत्पादन इकाइयों की गहन जांच शुरू कर दी है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) 19 दवाओं, जिसमें कफ सिरप और एंटीबायोटिक शामिल हैं, की जोखिम-आधारित जांच कर रहा है।
यूपी में भी सख्ती
उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सेसन फार्मास्युटिकल्स के कफ सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया। सरकारी और निजी अस्पतालों व फार्मेसियों में सैंपल कलेक्शन और जब्ती के आदेश जारी किए गए हैं। सहायक आयुक्त (औषधि) दिनेश कुमार तिवारी ने औषधि निरीक्षकों को सैंपल जांच और प्रोपाइलिन ग्लाइकॉल की मात्रा का परीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल की मात्रा 48.6% तक पाई गई, जो सामान्य से सैकड़ों गुना अधिक है।
क्या है डायएथिलीन ग्लाइकॉल?
यह एक जहरीला रसायन है, जिसका उपयोग सिरप को पतला और मीठा करने के लिए किया जाता है, लेकिन इसकी मात्रा 0.1% से अधिक नहीं होनी चाहिए। कोल्ड्रिफ सिरप में इसकी अत्यधिक मात्रा ने इसे जानलेवा बना दिया। प्रशासन और सरकार की ओर से इस मामले में त्वरित कार्रवाई जारी है, और जनता से अपील की गई है कि इस सिरप का उपयोग तुरंत बंद करें।






