नई दिल्ली, 05 जुलाई। ऐतिहासिक जीत के फैसले को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार बनाम उपराज्यपाल मामले में उच्चतम न्यायालय के फैसले को यहां के लोगों की बड़ी जीत बताया है। श्री केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि यह दिल्ली के लोगों की बड़ी जीत है। साथ ही लोकतंत्र की भी बड़ी जीत है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा यह उच्चतम न्यायालय का ऐतिहासिक फैसला है। अब दिल्ली सरकार को फाइलें उपराज्यपाल को नहीं भेजनी होंगी, और काम नहीं रुकेगा। हम दिल्ली की जनता की ओर से सुप्रीम कोर्ट का आभार जताते हैं उप-राज्यपाल को कैबिनेट के फैसले को मानना होगा तबादला और नियुक्ति सरकार ही करेगी।
सरकारी फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते LG
नई दिल्ली, 05 जुलाई। एक ऐतिहासिक फैसले में उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल निर्वाचित सरकार के प्रत्येक फैसले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते और वह मंत्रिपरिषद की सलाह मानने को बाध्य हैं। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ में अलग-अलग परंतु सहमति वाले फैसले में कहा कि उपराज्यपाल संविधान के अनुच्छेद 239 के प्रावधानों को छोड़कर अन्य मुद्दों पर निर्वाचित सरकार की सलाह मानने को बाध्य हैं।
न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय सविंधान पीठ ने अलग अलग किन्तु सहमति वाले फैसले में कहा कि उपराज्यपाल संविधान के अनुच्छेद 239 के प्रावधानों को छोड़कर अन्य मुद्दों पर निर्वाचित सरकार की सलाह मानने को बाध्य हैं। न्यायाधीश मिश्रा के साथी न्यायमूर्ति ए के सीकरी एवं मूर्ति की ओर से फैसला पढ़ा गया जबकि डिवाइ चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने अपना अपना फैसला सुनाया। संविधान पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को पलटते हुए कहा कि दिल्ली की स्थिति पूर्ण राज्य से अलग है और उपराज्यपाल कानून व्यवस्था पुलिस और भूमि संबंधी मामले के लिए विशेष रूप से जिम्मेदार हैं लेकिन उन्हें मंत्रिपरिषद की सलाह माननी होगी।







