सुनसान जंगल में चलता था लिंग परीक्षण रैकेट, डॉक्टर गिरफ्तार

0
544
file photo

नई दिल्ली, 20 मार्च। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर लिंग परीक्षण का एक ऐसा खेल चल रहा था, जिसका भंडाफोड़ होते ही सब चौंक गये। दरअसल दिल्ली-हरियाणा सीमा के पास स्थित एक सुनसान जंगल में अवैध रूप से लिंग परीक्षण का खेल एक कार में चल रहा था। इस मामले में सोनीपत पुलिस ने दिल्ली के नरेला के डॉ सुभाष जैन, नंगल कलान के विनोद कुमार और सोनीपत के मनोज कुमार को गिरफ्तार किया। अवैध रूप से चलाये जा रहे पूरे खेल को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पुलिस को डॉक्टर की अवैध गतिविधियों को लेकर जानकारी दी थी। इसके बाद ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो पायी।

ऐसे पकड़े गये सभी आरोपी

अवैध रूप से कार में चलाये जा रहे लिंग परीक्षण रैकेट के बारे में उप सिविल सर्जन डॉ आदर्श शर्मा ने कहा कि, पहले आरोपी डॉक्टर के पास एक गर्भवती महिला को भेजा गया था। जिसने अपने गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग परीक्षण के लिये 30,000 रुपये में एक समझौता किया। फिर आरोपी डॉक्टर ने महिला के प्रलोभन के बाद उसकी मेडिकल रिपोर्ट खुद तैयार की और उसपर अपना हस्ताक्षर भी किया। वहीं महिला की मेडिकल रिपोर्ट सिविल सर्जन ने खुद तैयार किया और फिर उसपर अपना हस्ताक्षर भी किया। फिर आरोपी डॉक्टर ने गर्भवती महिला के पूछे जाने पर कि कहां आना है तो उसने बुधवार शाम नरेला में राम देवी चौक पहुंचने के लिए कहा और वहीं पर डॉक्टर के सहयोगी मनोज ने महिला से 30,000 रूपये भी लिये। फिर मनोज ने गर्भवती महिला को एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार में बैठने के लिए कहा। कार वहां से चली तो दिल्ली-हरियाणा के खत्म होते ही सर्सा गांव में एक सुनसान जंगल में ले जाया गया। फिर ठीक इसके थोड़ी ही देर बाद आरोपी डॉक्टर भी अपनी गाड़ी से वहां आया और उसने अपने सहयोगियों से महिला को लाने के कहा।

टीम को पुलिस ने रंगे हाथ पकड़ा

लेकिन महिला की कार का पीछा स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस पहले से ही कर रही थी। डॉक्टर ने जैसे ही महिला पर परीक्षण करने की शुरूआत की, तो पुलिस ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया और डॉक्टर के साथ उसके सभी सहयोगियों को भी गिरफ्तार कर लिया। मौके से पुलिस ने बैटरी के साथ एक अल्ट्रासाउंड मशीन और डॉक्टर की कार के ट्रंक में लगे जनरेटर को जब्त कर सील कर दिया. इस बारे में पुलिस ने बताया कि महिला से लियो गये रकम को आरोपी डॉक्टर ने पहले ही बांट दिये थे। जिसमें से 20,000 डॉक्टर सुभाष जैन ने खुद रख लिये थे।

गिरफ्तार किये गये तीनों आरोपियों पर प्री-कॉन्सेप्शन और प्री-नेटाल डायग्नॉस्टिक टेक्निक्स (पीसी और पीएनडीटी) एक्ट की धारा 3, 4, 5, 6 और 23 और भारतीय दंड संहिता की 120 बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया. पुलिस ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश किया गया था और रिमांड पर ले जाया गया है, ताकि पता चल सके कि उन्होंने इससे पहले कितने अवैध जांच किये हैं और कब से यह सबकुछ चल रहा था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here