एक यूजर ने लिखा बहुत परेशान थे – थोड़ी राहत मिलेगी, सुमित चौहान ने लिखा इस भयंकर इर्रिटेशन से बचने पर समस्त देशवासियों को बधाई
नई दिल्ली, 26 जून 2025: भारत सरकार ने आज से मोबाइल कॉल से पहले बजने वाली अमिताभ बच्चन की आवाज वाली साइबर जागरूकता कॉलर ट्यून को बंद करने का फैसला किया है। यह कॉलर ट्यून, जो साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, अब सुनाई नहीं देगी। इस फैसले से उन लाखों यूजर्स को राहत मिली है, जो इस 40 सेकंड लंबे संदेश से परेशान थे, खासकर आपातकालीन कॉल्स के दौरान।
पिछले कुछ महीनों से हर कॉल से पहले अमिताभ बच्चन की दमदार आवाज में एक प्री-रिकॉर्डेड संदेश बजता था, जिसमें यूजर्स को अनजान कॉल्स, लिंक्स और ओटीपी शेयर करने से सावधान रहने की सलाह दी जाती थी। शुरुआत में इस अभियान की सराहना हुई, क्योंकि यह साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने में प्रभावी था। हालांकि, समय के साथ यह ट्यून लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई। सोशल मीडिया पर #RemoveCallerTune जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे, और यूजर्स ने इसे “थकाऊ” और “अनावश्यक” बताते हुए शिकायत की कि यह आपातकालीन कॉल्स में देरी का कारण बनती थी।
ट्यून को बंद करने का निर्देश
बता दें कि इंदौर के पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता ने इस मुद्दे को केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सामने उठाया था। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना जैसे आपातकालीन मामलों में यह ट्यून समय की बर्बादी करती थी। सिंधिया ने भी इस पर सहमति जताते हुए कहा था कि वह स्वयं इस ट्यून से परेशान हैं और इस पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सरकार ने त्वरित कदम उठाते हुए टेलीकॉम ऑपरेटरों को इस ट्यून को बंद करने का निर्देश दिया।
सोशल मीडिया पर इस ट्यून को लेकर अमिताभ बच्चन को भी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। एक यूजर ने लिखा, “फोन पर बोलना बंद करो भाई,” जिसके जवाब में अमिताभ ने मजेदार अंदाज में कहा, “सरकार को बोलो भाई, उन्होंने हमसे कहा सो किया।” हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि यह ट्यून अभियान की अवधि समाप्त होने के कारण बंद की गई है, न कि ट्रोलिंग की वजह से।
सोशल मीडिया पर लोगों ने फैसले का किया स्वागत
एक यूजर (@Sabnam24) ने लिखा, “मैं ज्यादा कॉल नहीं करती, लेकिन कल जब कॉल किया तो 5 मिनट तक यही सुनाई दिया। इमरजेंसी में यह बहुत परेशान करता।” वहीं, कुछ यूजर्स जैसे @sauravyadav1133 ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में यह ट्यून जागरूकता के लिए उपयोगी थी, लेकिन इमरजेंसी में यह वाकई परेशानी का कारण थी।
फ़िलहाल लोग इस खबर के फैलते ही एक दूसरे को शुभकामनायें दे रहें हैं।
आंकड़ों के अनुसार, 2023 में भारत में 11,28,265 साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हुई थीं, जिनमें 7,48,863.9 लाख रुपये की ठगी हुई। इस कॉलर ट्यून ने लाखों लोगों तक जागरूकता पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में ऐसे अभियानों को छोटा और अधिक प्रभावी बनाया जाना चाहिए ताकि सुविधा और जागरूकता में संतुलन बना रहे।







