नहर में डूबने से लेकर सरिए तक: बचने की पूरी कहानी, माँ ने बनाया था पूरा प्लान, पापा सिर्फ़ नशे में थे
फिरोज़पुर (पंजाब)। अक्टूबर महीने में पूरे देश को हिलाकर रख देने वाली उस दिल दहला देने वाली घटना को कौन भूल सकता है? जिसमें एक पिता ने अपनी 17 साल की बेटी का हाथ-पैर चुन्नी से बाँधकर नहर में फेंक दिया था और खुद वीडियो बनाते हुए कहा था – “बाय-बाय… सुट्ट ती… मार के परे कीती…”। वीडियो वायरल होने के बाद पूरे देश में गुस्सा भड़क उठा था, पिता को गिरफ्तार कर लिया गया था और पुलिस 68 दिनों से लड़की की लाश तक की तलाश कर रही थी।
लेकिन आज सुबह जो खबर आई, उसने हर किसी को स्तब्ध कर दिया।
वो लड़की जिंदा है… और खुद घर लौट आई है! सूखी नहर की पटरी पर पैदल चलती हुई, कमजोर लेकिन जिंदा… जब वह अपने गाँव के चौक में पहुँची तो लोग उसे देखकर सन्न रह गए। पहले किसी ने पहचाना तक नहीं, फिर चीखें निकल गईं – “वो तो वही लड़की है… जिसे नहर में फेंका था!”

लड़की ने मीडिया के सामने अपनी पूरी कहानी सुनाई:“ पापा ने मुझे धक्का दिया तो मैं सीधे गहरे पानी में डूब गई। हाथ बंधे थे, लेकिन चुन्नी ढीली थी। आधा किलोमीटर बहने के बाद वह अपने आप खुल गई। अचानक मेरा सिर नहर में लगे एक पुराने लोहे के सरिए से टकराया। मैंने उसे कसकर पकड़ लिया। आधे घंटे तक तेज बहाव में लटकी रही। ठंड से पूरा बदन सुन्न हो रहा था, लेकिन मैंने हार नहीं मानी।”
स्कूटी वाली आंटी बनीं भगवान का रूप
“फिर किसी तरह सरिए के सहारे किनारे तक पहुँची। रात के 2 बजे थे, घुप्प अंधेरा। गीले कपड़ों में काँपती हुई मैं नहर की पटरी पर चलने लगी। करीब आधा किलोमीटर दूर एक स्कूटी पर एक आंटी मिलीं। मैंने उनसे रोते हुए शॉल माँगा। उन्होंने मुझे अपनी शॉल दी और फोन भी दिया। मैंने अपने एक दूर के रिश्तेदार को फोन किया। उसके बाद मैं 68 दिनों तक अलग-अलग जगहों पर छुपकर रही… क्योंकि मुझे डर था कि पापा फिर मार डालेंगे।”
सबसे चौंकाने वाली बात लड़की ने आखिर में कही:“मुझे नहर में ले जाने और पापा को उकसाने का पूरा प्लान मम्मी का था। पापा ने उस रात शराब और नींद की गोलियाँ दोनों ली थीं। नशे में वो कुछ भी कर गुजरने को तैयार थे। मम्मी ने ही कहा था – ‘इसे खत्म कर दो, घर की इज्जत बचेगी’।”
अब लड़की अपने पिता की रिहाई की माँग कर रही है।
उसका कहना है – “पापा ने गुस्से में गलती की, लेकिन वो मेरे पापा हैं। असली गुनहगार मेरी माँ है। पापा को छोड़ दो, मैं उनके साथ ही रहूँगी।”
पुलिस ने लड़की का मेडिकल करवाया है। डॉक्टरों ने भी हैरानी जताई कि इतने दिनों तक नहर के तेज बहाव और ठंड में कोई कैसे जिंदा बच सकता है। पुलिस अब माँ को भी गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है, जबकि पिता की जमानत याचिका पर कल सुनवाई होगी।
वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें – https://x.com/i/status/1998245991967776976
लोगों का गुस्सा भड़का दिए यह रिएक्शन :
उज्मा परवीन ने लिखा : मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है इसको लौट के नहीं आना चाहिए था कहीं अपनी जिंदगी अच्छे से व्यतीत करती। ऐसे माता-पिता के पास आने की कोई जरूरत नहीं है अब खामखा आकर अपनी जिंदगी खराब करेगी यह लड़की। ऐसी माता-पिता से दूर रहो जो आपको जान से मरने तक की कोशिश करें।
वंशिका ने कहा : “68 दिन पहले जिस बेटी को ‘मर गया समझकर’ नहर में फेंक दिया… वही आज ज़िंदा लौटकर खड़ी है। ये सिर्फ चमत्कार नहीं, ज़िंदा रहने की ज़िद और हिम्मत की सबसे बड़ी मिसाल है। पिता का वीडियो पूरे देश को हिला गया था, और अब उसी बेटी का अपने पिता की रिहाई मांगना इस कहानी को और दर्दनाक बना देता है। सच ये है कि जिसने मौत को आधा घंटा पकड़कर रखा, ठंड और बहाव से लड़कर किनारे आई, वो सिर्फ एक बेटी नहीं… वो खुद एक ‘जीती-जागती बहादुरी की किताब’ है। पंजाब की ये घटना इंसानियत, विश्वास और परिवार के नाम पर किए जाने वाले अपराधों की सबसे कड़वी हकीकत भी दिखाती है।”
केडी अंसारी ने लिखा : इस लड़की बाप को छुड़ाना नहीं चाहिए वो बाप नहीं पाप है! उसके खिलाफ केस लड़कर सजा दिलानी चाहिए!
68 दिन पहले जिस बेटी को पूरा देश मृत मान चुका था, आज वही बेटी अपने पिता को बचाने की गुहार लगा रही है।
कभी इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह कहानी अब इंसानी हिम्मत और माफ़ी की अनोखी मिसाल बन गई है।
(नोट: लड़की की पहचान और सुरक्षा के मद्देनजर नाम व गाँव का नाम गोपनीय रखा गया है।)






