आईआईटी की तर्ज पर ही बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार आईआईएम में भी सुपर न्यूमेरी कोटा लाने की योजना बना रही है
नई दिल्ली, 09 जनवरी। देश के प्रतिष्ठित मैनेजमेंट स्कूल आईआईएम सहित शीर्ष बिजनेस स्कूलों में दाखिले के लिए होने वाले कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट)- 2017 में पहली बार टॉप-20 में दो बेटियों ने दस्तक दी। दिल्ली की बेटी और आईआईटी दिल्ली से पासआउट छवि गुप्ता ने पहली बार कैट की परीक्षा दी और 100 पर्सेंटाइल के साथ टॉप-20 में जगह बनाई।
उनकी आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए की डिग्री लेने की हसरत पूरी हो गई है। आईआईटी की तर्ज पर ही बेटियों को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार आईआईएम में भी सुपर न्यूमेरी कोटा लाने की योजना बना रही है। झंडेवालान निवासी छवि का कहना है कि आईआईटी दिल्ली से 2016 में बीटेक/एमटेक ड्यूल डिग्री हासिल की। उसके बाद से निजी कंपनी में कार्यरत हूं।
हालांकि अच्छी नौकरी के लिए एमबीए डिग्री बेहद जरूरी है। पहली बार कैट की परीक्षा दी और सौ पर्सेंटाइल हासिल किया। आईआईएम अहमदाबाद में एमबीए के लिए दाखिला लूंगी। अब तो आईआईएम बिल पास हो चुका है। इसलिए दोहरी खुशी है कि मुझे एमबीए की डिग्री मिलेगी। भारत में आईआईएम डिप्लोमा को डिग्री की तरह ही समझते थे, लेकिन विदेश में जाने पर दिक्कत आती थी। हालांकि अब हम भी गर्व से कहेंगे कि आईआईएम से एमबीए डिग्री हासिल की।
छवि गुप्ता ने बताया कि टॉप-20 में दो लड़कियों के शामिल होने के बाद अब लोगों का कहना है कि प्रश्न पत्र आसान रहा होगा। उन्होंने बताया कि हालांकि पिछले साल की तुलना में इस बार प्रश्न पत्र बेहद कठिन था। लेकिन टॉप-20 में दो लड़कियां पहली बार शामिल हुई हैं, इसलिए खुशी के साथ बेहद गर्व भी महसूस कर रही हूं।






