लखनऊ के गुडम्बा में दो सगी बहनों का मर्डर

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लखनऊ: लखनऊ, गोमतीनगर में सपा नेता के यहाँ पड़ी डकैती का खुलासा अभी हो भी नहीं पाया था कि आज गुडंबा इलाके में डकैतों ने दो सगी बहनों की दिनदहाड़े गला दबाकर हत्या कर नकदी व जेवरात लूट ले गये।

जानकारी के अनुसार डकैत घर में अकेली रह रही दो सगी बहनों के घर घुस आये और लूटपाट की बताया जा रहा दोनो बहनों ने जब विरोध किया तो उनकी गला दबाकर हत्या कर दी, रविवार दोपहर को हुई इस दुस्साहसिक वारदात से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार अनहोनी की आशंका के चलते पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी, सूचना पाकर मौके पर पहुंची (डॉयल 100) के सिपाहियों ने अंदर जाकर देखा तो वह आवाक रह गये, दोनों सगी बहनों के शव बेड पर पड़े थे और घर का पूरा सामान बिखरा पड़ा था। बदमाश घर का सारा सामान खंगाल कर नगदी और जेवरात लूट कर फरार हो गए, पुलिस ने डॉग स्क्वॉड, फॉरेंसिक एक्स्पर्ट, फिंगर प्रिंट दस्ते के साथ छानबीन की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा।

जानकारी के मुताबिक, गुडंबा थाना क्षेत्र के बजरंग विहार 8/2 जीवनधारा कॉन्वेंट कॉलेज के पास कुर्सी रोड गुडंबा में रहने वाले बद्री प्रसाद की पुत्री केसर श्रीवास्तव उर्फ़ जुग्गुन (59), संदल श्रीवास्तव (45) निवासी 8/1 जीवनधारा कॉन्वेंट कॉलेज अकेले रहती थी। मृतकाओं की भतीजी ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि वह दिल्ली में नौकरी करती है। उसकी छोटी बहन रोली श्रीवास्तव गोमतीनगर में नौकरी करती है ऋचा के अनुसार, जहां उनकी बुआ रहती हैं वहां करीब आधा दर्जन से अधिक कमरे बने हैं और किराये दार भी रहते हैं, एक चाचा फ़ैजाबाद में रहते हैं, बुआ के भाई कुंजबिहारी हैं जबकि एक की मौत हो चुकी है ऋचा की माने तो बुआ अपने पति से करीब 20 साल से अलग रह रही थीं। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार उसने 11:00 बजे के करीब एक बहन को बाजार जाते देखा था, शायद इसके बाद ही बदमाश घर में घुसे और दोनों को बंधक बनाकर डकैती डाली।

हत्या की वजह प्रॉपर्टी तो नहीं?
दोनों बहने 4 हज़ार स्क्वायर फीट की एक आलीशान मकान मे रहती थी जिसकी कीमत तकरीबन 1 करोड़ 60 लाख रुपए आँकी जा रही है । अंजनी श्रीवास्तव व इनका पूरा परिवार 10 साल पहले लखनऊ के अमीनाबाद मे किराए के मकान पर रहते थे । दोनों बहनों ने अंजनी को घर का एक हिस्सा रोजी रोटी कमाने के लिए दिया था । इस पूरे प्रॉपर्टी के मालिक कुंजबिहारी श्रीवास्तव थे जिनकी कुछ माह पहले मृत्यु हो गयी थी इसके बाद इतने बड़े मकान का मालिकाना हक दोनों बहनों के पास था । दोनों बहनों के ना रहने के बाद पूरे मकान पर अंजनी व इनके परिवार का मालिकाना हक होगा।