Close Menu
Shagun News India
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Wednesday, October 28
    Shagun News IndiaShagun News India
    Subscribe
    • होम
    • इंडिया
    • उत्तर प्रदेश
    • उत्तराखंड
    • राजस्थान
    • खेल
    • मनोरंजन
    • ब्लॉग
    • साहित्य
    • पिक्चर गैलरी
    • करियर
    • बिजनेस
    • बचपन
    • वीडियो
    • NewsVoir
    Shagun News India
    Home»ब्लॉग»Current Issues

    उद्देश्यपूर्ण शिक्षा से सामाजिक परिवर्तन सम्भव

    By February 23, 2019 Current Issues No Comments4 Mins Read
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Share
    Facebook Twitter LinkedIn WhatsApp
    Post Views: 559

    डा. जगदीश गाँधी

    ग्लोबल वार्मिंग, परमाणु बमों की टेसि्ंटग, विश्वव्यापी आतंकवाद, घातक परमाणु बमों का निर्माण, कानूनविहीनता, धार्मिक विद्वेष, तृतीय विश्व युद्ध की आशंका आदि के कारण सात अरब संसारवासियों का जीवन असुरक्षित हो गया है। संसार भर में व्याप्त इन समस्याओं के हल के लिए शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित नेल्सन मंडेला ने कहा था कि ‘‘संसार में शिक्षा ही सबसे शक्तिशाली हथियार है जो दुनिया को बदल सकती है।’’ वास्तव में संतुलित एवं उद्देश्यपूर्ण शिक्षा किसी भी बालक के पेन में इतनी ताकत भर सकती है कि वह सर्वोच्चतम पद के अधिकार से लेश होकर सारे विश्व में सामाजिक परिवर्तन ला सकता है। इसके लिए हमें विश्व के प्रत्येक बालक को बचपन से ही उद्देश्यपूर्ण अर्थात् भौतिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक तीनों प्रकार की संतुलित शिक्षा देकर उसके सम्पूर्ण व्यक्तित्व का विकास करना चाहिए। साथ ही प्रत्येक बालक को शैक्षिक कार्यक्रमों के माध्यम से विश्वव्यापी समस्याओं की जानकारी कराना चाहिए तथा बच्चों को बाल्यावस्था से ही इन समस्याओं को बड़े होकर हल करने के लिए प्रेरित करना चाहिए। अर्थात बालक का सामाजिक परिवेश के साथ-साथ विश्व की वास्तविक प्रतिकूल परिस्थितियों के प्रति भी सजग रहना चाहिए।

    बच्चों को ‘गुड’ तथा ‘स्मार्ट’ दोनों बनाना चाहिए:

    वर्तमान परिवेश में शिक्षा का क्षेत्र पहले की अपेक्षा बहुत व्यापक हो चुका है। इसलिए आज हमें प्रत्येक बालक को अंग्रेजी, गणित, भूगोल, विज्ञान आदि विषयों के उच्च कोटि के ज्ञान के साथ ही उसे सामाजिक एवं आध्यात्मिक ज्ञान भी देना चाहिए। आज हमारी शिक्षा बच्चों को केवल उनके निर्धारित विषयों का ज्ञान कराकर केवल स्मार्ट बना रही है जबकि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य प्रत्येक बालक को गुड तथा स्मार्ट दोनों बनाना चाहिए। यदि हमने बालक को सर्वोच्च भौतिक शिक्षा के साथ ही उसे परमात्मा की आज्ञाओं पर चलना सिखा दिया तो वह बालक परमपिता परमात्मा की बनाई हुई इस सारी दुनिया में एकता और शांति की स्थापना के लिए कार्य करके मानव जीवन के उच्चतम लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है। इसके लिए हमें बाल्यावस्था से ही प्रत्येक बालक को गुड एवं स्मार्ट बनाते हुए उनमें विश्वव्यापी समस्याओं को हल करने की अपार क्षमता को विकसित करना चाहिए। अर्थात बालक को सही-गलत, अच्छे-बुरे का ज्ञान शिक्षा के माध्यम से ही प्राप्त हो सकता है और इससे बालक का शैक्षिक, सामाजिक व आध्यात्मिक संतुलित विकास संम्भव है।

    मुख्य शिक्षा ‘लोक कल्याण’:

    रामायण की एक लाइन में सीख है कि सीया राम मय सब जग जानी अर्थात् संसार के प्रत्येक व्यक्ति के प्रति मेरा राम-सीता की तरह का श्रद्धाभाव हो। गीता का सन्देश है कि न्यायार्थ अपने बन्धु को भी दण्ड देना चाहिए। चारों वेदों का ज्ञान एक लाइन में है कि उदार चरित्र वाले के लिए यह वसुधा कुटुम्ब के समान है। समस्त प्राणी मात्र से हित में रत हो जाये। बाईबिल की एक लाइन में सीख है कि अपने पड़ोसी को भी अपने जैसा प्रेम करो। कुरान की सीख है कि ऐ खुदा सारी खिलकत को बरकत दे। गुरू ग्रन्थ साहिब की सीख है कि जब तेरे हृदय में सारे विश्व के लिए भलाई की भावना होगी तो नानक का नाम तुझे परमात्मा की ओर ले जायेगा। बहाई धर्म के पवित्र ग्रन्थ किताबे अकदस की सीख है कि यह पृथ्वी एक देश है और हम सब इसके नागरिक है। इसलिए हमें विश्व के प्रत्येक बच्चों को इन सभी धर्मों की शिक्षाओं का ज्ञान कराने के साथ ही साथ इन शिक्षाओं पर चलने वाला भी बनाना है। अर्थात सभी धर्मों का एक ही उद्देश्य है कि बालक को वह रास्ता बताना जो शांति और प्रेम की तरफ अग्रसर हो।

    ‘उद्देश्यपूर्ण शिक्षा’ ही सबसे शक्तिशाली हथियारः

    आज मनुष्य पवित्र ग्रन्थों की केवल आरती ही करते हैं, वे अपने जीवन में उन पवित्र ग्रंथों की शिक्षाओं को ग्रहण नहीं करते हैं। जबकि मनुष्य के जीवन का एक ही उद्देश्य है – प्रभु की शिक्षाओं को जानना तथा उसे आत्मसात करके उसके अनुरूप जीवन जीना। वास्तव में पवित्र ग्रन्थों का एक मंत्र, वचन, चौपाई, शब्द एक जीवन के लिए ही नहीं वरन् अनेक जन्मों के लिए काफी है। परमात्मा ने जो भी ज्ञान पवित्र ग्रन्थों के माध्यम से मानव जाति के लिए भेजा है वह हम सबकी भलाई के लिए भेजा है नुकसान के लिए नहीं। परमपिता परमात्मा द्वारा बनाया गया यह विश्व समाज भी अपना है, पराया नहीं है। इसलिए सारी वसुधा को सबके रहने योग्य बनाने के लिए हमें जीवन-पर्यन्त कार्य करना चाहिए। हमें इसकी शुरूआत विश्व के प्रत्येक बालक को बचपन से ही ‘संतुलित एवं उद्देश्यपूर्ण शिक्षा’ देकर करनी चाहिए। वास्तव में संतुलित एवं उद्देश्यपूर्ण शिक्षा ही वह सबसे शक्तिशाली हथियार है, जिसका उपयोग करके हम संसार भर में व्याप्त समस्याओं का समाधान आसानी से कर सकते हैं।

    Keep Reading

    नीले ड्रम’ हत्याकांड पर आया फैसला : जैसी करनी, वैसी भरनी

    This very land gave us a hero like Abdul Hamid, and now a grand memorial for Maharaja Suheldev is being built: CM Yogi.

    योगी सरकार में RTI के अंतर्गत बच्चों की शिक्षा के लिए 698.27 करोड़ रुपए आवंटित

    Education requires not just academics but also life skills: Sharman Joshi

    शिक्षा में सिर्फ पढ़ाई नहीं, जीवन कौशल भी जरूरी: शरमन जोशी

    5,000 youths in UP to receive AI training; Samsung Innovation Campus 2026 launched.

    यूपी के 5 हजार युवाओं को मिलेगा AI प्रशिक्षण, सैमसंग इनोवेशन कैंपस 2026 शुरू

    Teachers' 11-point demands resonated at the TFI conference; calls made for the old pension scheme and relief regarding the TET.

    टीएफआई सम्मेलन में शिक्षकों की 11 सूत्रीय मांगें गूंज उठीं, पुरानी पेंशन और टीईटी से राहत की मांग

    अकीदा बनाम अंधविश्वास: पक्के विश्वास और भटकती भीड़ की दास्तान

    Leave A Reply Cancel Reply

    Advertisment
    Google AD
    We Are Here –
    • Facebook
    • Twitter
    • YouTube
    • LinkedIn

    EMAIL SUBSCRIPTIONS

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    About



    ShagunNewsIndia.com is your all in one News website offering the latest happenings in UP.

    Editors: Upendra Rai & Neetu Singh

    Contact us: editshagun@gmail.com

    Facebook X (Twitter) LinkedIn WhatsApp
    Popular Posts
    Anuradha Paudwal: Reached great heights, yet also endured the pain of profound loneliness.

    अनुराधा पौडवाल : बुलंदियों को भी छुआ और गहरे अकेलेपन का दर्द भी झेला

    October 28, 2026

    यूपी में श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी, महंगाई सूचकांक के आधार पर तय हुई दरें

    October 28, 2026
    Neeru Sharma Explores Parenting, Social Conditioning and Unspoken Wounds as the Trailer of Sonali Kulkarni’s ‘Like Maa’ Is Released

    माँ की परवरिश में छिपे बचपन के जख्मों की कहानी कहेगी ‘लाइक माँ’

    October 28, 2026
    U&i launches new gadgets: now listen to music and make calls for up to 50 hours—all through your glasses.

    U&i के नए गैजेट्स लॉन्च, अब चश्मे से सुनें म्यूजिक और 50 घंटे तक करें कॉलिंग

    October 28, 2026
    From Ravana on Screen to a Power Player Behind the Scenes! Yash Makes a Big Move in ‘Ramayana’ Distribution

    पर्दे पर रावण, पर्दे के पीछे पावरफुल खिलाड़ी ! ‘रामायण’ के डिस्ट्रीब्यूशन में यश की बड़ी एंट्री

    October 27, 2026

    Subscribe Newsletter

    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading
    Privacy Policy | About Us | Contact Us | Terms & Conditions | Disclaimer

    © 2026 ShagunNewsIndia.com | Designed & Developed by Krishna Maurya

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.

    Newsletter
    Please enable JavaScript in your browser to complete this form.
    Loading