उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने उठाई मांग कहा संविदा कार्मिकों को समान काम समान वेतन दिए जाएं
लखनऊ, 16 जुलाई : उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के तत्वाधान में आज पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत कमिश्नर ऑडिटोरियम बनारस में बिजली दर व वार्षिक राजस्व आवश्यकता वर्ष 2024 2-5 पर आम जनता की सार्वजनिक सुनवाई हुयी। जिसमें विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार व सदस्य संजय कुमार सिंह उपस्थिति रहें।पूर्वांचल एमडी शंभू कुमार व पावर कॉरपोरेशन की तरफ से वार्षिक राजस्व आवश्यकता पर एक प्रस्तुतीकरण किया गया।
प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं की तरफ से पक्ष रखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य के विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष व राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर लगभग 33122 करोड़ रूपया सर प्लस निकल रहा है ऐसे में या तो बिजली कंपनियां एक साथ 40% दरों में कमी करें या तो अगले 5 वर्षों तक बिजली दलों में कोई भी बढ़ोतरी नहीं हो सकती।
उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में केवल सितंबर में 470 मेगावाट व मार्च में 892 मेगावाट विद्युत उपभोक्ताओं का भार बिना नोटिस के बढ़ाया गया जो कानून गलत है केवल राजस्व बढ़ाने के लिए इस प्रकार की कार्यवाही की जाती है। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष ने कहा पूर्वांचल विद्युत वितरण कंपनी मुख्यालय में अकाउंटेंट द्वारा 6 से 10 करोड़ का घोटाला किया उसमें और जो लोग भी शामिल हैं उनपर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में माननीय ऊर्जा मंत्री के क्षेत्र मऊ व बलिया में लगभग 40 करोड रुपए का फर्जी ऑर्डर ईआरपी पर लोड कर दिया गया इंस्टॉलिंग बिलिंग एजेंसी 3000 से ज्यादा मीटर रीडरों का 13 करोड़ रूपया ईपीएफ का लेकर गायब हो गया अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई इस पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए जो भी घोटाले हो रहे हैं उसमें चाहे छोटा लेवल का अधिकारी शामिल हो या निदेशक वह प्रबंध निदेशक ही क्यों न शामिल हो उन पर भी सख्त कार्रवाई होना चाहिए।
उपभोक्ता प्रतिशत अध्यक्ष ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि केवल पूर्वांचल की बात करें तो साल में 1220 करोड़ की चोरी होती है प्रत्येक माह 101 करोड़ की बिजली चोरी पूर्वांचल में हो रही है और वही पूरे प्रदेश में लगभग 5000 करोड़ की बिजली चोरी हो रही है संविदा कार्मिकों को स्थानांतरण करने का आदेश तो जारी कर दिया गया लेकिन कम वेतन में वह अपना गुजारा कैसे करेंगे। जब तक माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित आदेश के तहत उनके लिए समान काम समान वेतन नहीं लागू होता प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल फुल कास्ट टैरिफ के तहत 24 घंटे बिजली मिलने का आदेश जारी किया जाना चाहिए।
उन्होंने पूर्वांचल में वितरण ट्रांसफार्मर जलने का मामला उठाते हुए कहा वर्ष 2020-21 में 86994 वितरण ट्रांसफार्मर जले जो कल ट्रांसफार्मर का लगभग 15.38% था इसी प्रकार वर्ष 2021-22 में 86978 वितरण ट्रांसफार्मर जिले जो लगभग 13.62% था जबकि राष्ट्रीय औसत केवल 2 प्रतिशत का है इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 78242 वितरण ट्रांसफार्मर जले जो अपने आप में चिंता का विषय है हड़ताल के दौरान जो भी बिजली कंपनियों को नुकसान हुआ वह विद्युत उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ना चाहिए बिजली कंपनियों ने बिजली चोरी के मामले में 65% तक का बिजली चोरो का लाभ दिया ऐसे में जो भी बिजली चोरी का खामीयाज है वह उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ना चाहिए।
उपभोक्ता प्रतिशत अध्यक्ष ने कहा पूरे प्रदेश में जहां वर्ष 2023 -24 में 1120 लोगों की जान विद्युत दुर्घटना से गई वही बात करें पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम की तो वर्ष 2020-21 में 150 लोग मरे वर्ष 2021-22 में 203 लोग मारे और वर्ष 2022-23 में 213 लोग मरे जो चिंता का विषय है पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में मीटर आईडीएफ के केस 3 लाख 7000 है जो बहुत ही गंभीर मामला है इसी प्रकार आरडीएफ के भी 137980 केस है इस पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम में मई 2023 से मई 2024 की वितरण हानियां की तुलना करते हुए सिद्ध कर दिया कि वितरण हानियां बड़ी है।







