कांग्रेस के 85 वें महाधिवेशन ( रायपुर छत्तीसगढ़)में प्रियंका गांधी का संबोधन के कुछ अंश
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने महाधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि मंच पर उपस्थित सभी नेतागण, कांग्रेस अध्यक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी, श्री राहुल गांधी और तमाम भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के डेलीगेट्स, आज हम सब यहां उपस्थित हैं और हमें ये पहचानने की जरूरत है कि हमारे संगठन के सामने एक बहुत बड़ी चुनौती है। उस चुनौती का सामना हम कैसे करेंगे, इसी के लिए हम इकट्ठे हुए हैं और तीन दिनों से चर्चा चल रही है, इसके बारे में कुछ एक-दो अपनी बातें कहना चाहती हूं। खासतौर से उन कार्यकर्ताओं के लिए जो देश भर में हैं, लेकिन आज यहां उपस्थित नहीं है।
उन्होंने कहा कि देखिए कांग्रेस का कार्यकर्ता कौन है– वो अनोखेलाल हैं, जो इस झण्डे को लेकर कन्याकुमारी से कश्मीर तक चले। वो दिनेश है, जो आज दिख नहीं रहा है, जो इसी तरह से देश के ध्वज को लेकर नंगे पांव चला। कल किसी ने नसीब पठान जी का नाम लिया, उत्तर प्रदेश के एक नेता थे, आजीवन कांग्रेस के प्रति उन्होंने निष्ठा दिखाई, उसी तरह से मैं कई नाम ले सकती हूं।

कल जब शोक प्रस्ताव हुआ, ईश्वर चंद्र शुक्ला जी का नाम लिया, लेकिन ईश्वर चंद्र शुक्ला जी, उनको टिकट नहीं मिला चुनाव में, फिर भी उन्होंने प्रचार किए और प्रचार करते-करते उनका देहांत हुआ, मैं पच्चू पासी का नाम ले सकती हूं जो रोज सुबह वही सफेद जूते पहनकर गांव-गांव जाते थे, कांग्रेस के लिए प्रचार करते थे, कांग्रेस का झण्डा फहराया करते थे, उनका भी देहांत हुआ।
यूपी में हम मजाक में कहते हैं कि एक लाइफलॉन्ग कांग्रेस सफर होता है, जो यूपी के कार्यकर्ता हैं, वे समझेंगे ये बात। जो कार्यकर्ता आजीवन अपने वजूद के लिए संघर्ष करता है, मैं आज थोड़ा उसके पक्ष में बोलना चाहती हूं और मैं कहना चाहती हूं कि जब भी हम ऐसे इकट्ठे होते हैं, तो हम नए-नए प्रस्ताव लाते हैं और ये सही है, हमने कहा है मंडल तक हमें अपना संगठन बनाना है, ब्लॉक तक बनाना है, नए लोगों को जोड़ना है, लेकिन ये कर्मकाण्ड नहीं होना चाहिए, ये प्रस्ताव कागज पर नहीं रहना चाहिए, इसको करने के लिए हम सबकी जिम्मेदारी बनती है कि हम गांव-गांव जाएं, ब्लॉक-ब्लॉक जाएं और अपने संगठन को मजबूत बनाएं।
भारत जोड़ो यात्रा निकली, श्री राहुल गांधी बैठे हैं, उन्होंने कांग्रेस की विचारधारा की एक लंबी लकीर खींचकर दिखाई। जो बहुत समय से नहीं हुआ था, उन्होंने करके दिखाया। पूरे देश ने देखा कि कांग्रेस का कार्यकर्ता, कांग्रेस का नेता किसलिए खड़ा है, किस विचारधारा के लिए लड़ रहा है, उस विचारधारा का मतलब क्या है, ये काम भारत जोड़ो यात्रा ने किया। देश भर से लोग आए, कन्याकुमारी में आए, केरल में आए, मध्यप्रदेश में आए हर जगह जहां-जहां यात्रा गई, वहां आए।
जब कश्मीर में थे, तो मैं कुछ महिलाओं के साथ खड़ी थी, यात्रा का इंतजार कर रहे थे हम, उन महिलाओं ने मुझे कहा कि 3 सालों तक उनको घर से निकलने की हिम्मत नहीं थी, लेकिन इस यात्रा ने उन्हें हिम्मत दी, वे बाहर आईं।
तो ये हिम्मत दिलाना, ये हम कांग्रेसजनों का काम है, जो समझ रहे हैं कि देश में गलत हो रहा है, जो देश की राजनीति को देखकर समझ रहे हैं कि जो हो रहा है, वो ठीक नहीं है। उनको एक प्लेटफॉर्म देना, उनकी आवाज को बुलन्द करना, हमारा काम है। जो नहीं समझ रहे हैं, उन्हें भी समझाना, उनके पास जाना हमारा काम है।
तो एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी है, हमें अपने गिले-शिकवे दूर करने पड़ेंगे, एकजुट होकर लड़ना पड़ेगा। हमें दिखाना पड़ेगा इस देश को कि आज नौजवानों के पास रोजगार नहीं है। जितने भी विज्ञापन हैं, जो भी दिखा रहे हों, जहां-जहां हम जाते हैं, रोजगार नहीं है। रोजगार क्या, जो नौजवान परीक्षा देते हैं भर्ती के लिए, वो घोटालों में उलझे हुए हैं, उसके लिए क्या प्रस्ताव है हमारा।







