पीरियड की प्रॉब्लम पर ख़राब जीवन शैली डाल रही है बुरा प्रभाव

    0
    339

    एक शोध के मुताबिक देखा गया हैं कि ज्यादातर महिलाओं को अनियमित मासिक धर्म की समस्या का सामना करना पड़ता है। बहुत सी महिलाओं में मासिक धर्म समय पर नहीं होना, जल्दी या काफी समय बाद होने की शिकायत रहती है। अगर हम गौर करें तो अनियमित मासिक के कई कारण होते है। ख़राब जीवन शैली, अनियमित दिनचर्या का भी मासिक धर्म पर बुरा असर पड़ता है। दिन की शुरुआत हमेशा ही पानी पीकर करें। सुबह उठते ही खाली पेट 1 से 2 गिलास पानी पीएं। पूरे दिन में 8 से 10 गिलास पानी जरूर पीएं। इससे शरीर के टॉक्सिंस निकल जाते हैं और आप फिट एंड फाइन रहते हैं और पीरियड भी रैगुलर आते हैं।

    नियमित मासिक धर्म किसी भी महिला के अच्छे स्वास्थ्य का प्रतिक माना जाता है। यह हर महीने 3 से 5 दिन तक रहती है। यही मासिक चक्र महिलाओं की प्रजनन प्रणाली में परिवर्तन लाता है, जिससे महिलाएं प्रजनन के लिए तैयार होती हैं। इस चक्र के दौरान महिलाओं की गर्भधारण करने की क्षमता बढ़ती है हालांकि कुछ महिलाओं में यह क्षमता केवल 2-3 दिनों की भी होती है। यह 12- 16 वर्ष की आयु से शुरू होकर मेनोपॉज तक चलती है। मेनोपॉज यानी कि 50 साल की आयु के करीब। अगर किसी युवती को पहले 2 वर्षों तक अनियमित मासिक धर्म की शिकायत रहती है यह डरने वाली नहीं बल्कि यह सामान्य प्रक्रिया है लेकिन अगर यह हालात लंबे समय से चल रहे हैं तो डॉक्टर से जरूर चेकअप करवाएं।

    डाक्टर खुलकर अपनी परेशानी बताएं

    अधिक तनाव भी अनियमित मासिक धर्म का कारण होता है ज्यादा तनाव मासिक धर्म को कुछ समय के लिए बंद कर सकता है। कोर्टिसोल एक तनाव हार्मोन होता है। कोर्टिसोल हार्मोन मासिक धर्म के चक्र को प्रभावित करने के लिए जिम्मेदार होता हैं। हाइपोथेलेम्स दिमाग का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो प्रजनन तंत्र को नियंत्रित करता है। कोर्टिसोल स्तर के बढ़ने से हाइपोथेलेम्स पर बुरा असर पड़ता हैमहिला के शरीर में एस्ट्रोजन, प्रोजेस्टेरोन और टेस्टोस्टेरोन नाम के 3 हार्मोन्स मौजूद होते हैं जब इन हार्मोंन्स में किसी तरह की कोई गड़बड़ी हो जाती हैं तो पीरियड्स के अनियमित होने की प्रॉब्लम होने लगती है। अगर आप भी ऐसी ही किसी परेशानी से गुजर रहे हैं तो डाक्टर से परामर्श लें और बिना संकोच खुलकर अपनी परेशानी बताएं।

    थायरॉइड जरूर चेक करवाएं:

    बहुत सारी महिलाओं को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। महीने के यह पांच दिन दर्द, तनाव और अन्य कई समस्याओं से गुजरते हैं। बहुत सारी महिलाएं पीरियड के दर्द से छुटकारा पाने के लिए दवाइयों का सेवन करती हैं लेकिन इस समय में दवाई का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर महिला लगातार एक माह या उससे ज्यादा समय तक बीमार रहती है तो ऐसे में उनके रक्तस्त्राव में अलग-अलग तब्दीलियां आ सकती हैं। थायरॉइड होने की वजह से भी मासिक धर्म में असामान्यता हो सकती है। थायरॉइड की वजह से इस चक्र पर बहुत ज्यादा असर पड़ता है। ऐसे में खून की जांच करवाएं। अगर यह प्रॉब्लम न भी हो तो भी हर साल थायरॉइड की जांच करवाएं।

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here