ईरान पर नाकेबंदी जारी, ट्रंप बोले- कोई नरमी नहीं
नई दिल्ली : पश्चिम एशिया के तनावपूर्ण माहौल के बीच अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के बंदरगाहों की ओर जाने वाले व्यापारिक जहाजों पर बड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी सैन्य कमान (CENTCOM) के अनुसार, अब तक 118 व्यापारिक जहाजों का रास्ता बदल दिया गया है, जबकि 5 जहाजों को पूरी तरह निष्क्रिय (पंगु) कर दिया गया।
13 अप्रैल से शुरू हुई सख्त नाकेबंदी
अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी लागू की थी। अमेरिकी सेना ने साफ चेतावनी दी है कि ईरान के बंदरगाहों की तरफ आने-जाने वाले किसी भी जहाज को रोका जाएगा। यह कार्रवाई तब हो रही है जब दोनों देश शांति समझौते की बातचीत भी कर रहे हैं।
ट्रंप ने वापस लिया समझौते का ड्राफ्ट
कुछ दिन पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ समझौता लगभग तय है, लेकिन अब मामला अटक गया है। सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने सलाहकारों के साथ लंबी बैठक के बाद ड्राफ्ट वापस ले लिया।

ट्रंप अब और सख्त शर्तें चाहते हैं:
- ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर पूरी रोक
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को हमेशा खुला रखने की गारंटी
- ईरान के समृद्ध यूरेनियम को जब्त कर नष्ट करना
- कोई आर्थिक राहत नहीं
ईरान का दो टूक जवाब
ईरान ने अमेरिका के सामने झुकने से साफ इनकार कर दिया है। ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने कहा, “जब तक हमारे अधिकार सुरक्षित नहीं होंगे, कोई समझौता स्वीकार नहीं करेंगे। दुश्मन के वादों पर भरोसा नहीं, हमें ठोस नतीजे चाहिए।”
मामला क्या है?
विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप ओबामा काल वाले समझौते की नरमी दोहराना नहीं चाहते। वहीं ईरान भी अपने परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर कोई समझौता करने को तैयार नहीं दिख रहा।
फिलहाल वर्तमान में होर्मुज की स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है, जो विश्व के तेल व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग है।





